फरीदपुर तहसील में पेशकार से मारपीट पर कर्मचारियों का रोष, डीएम से मिले संघ पदाधिकारी

बरेली में फरीदपुर तहसील के एसडीएम कोर्ट में पेशकार के साथ हुई मारपीट की घटना ने कर्मचारियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की जनपद शाखा के पदाधिकारियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए शुक्रवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित पेशकार कमलेश शर्मा ने डीएम को पूरी घटना विस्तार से बताई। डीएम ने उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि कप्तान से बात कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर शिकायत दर्ज कराई।
संघ अध्यक्ष सुनील कुमार, सचिव अंकित पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह लोधी, प्रशासनिक अधिकारी राकेश और राजस्व अभिलेखागार प्रभारी महेंद्र बिष्ट ने बताया कि कमलेश शर्मा तहसील फरीदपुर में उप जिलाधिकारी के रीडर पद पर संबद्ध हैं। आरोप है कि शुक्रवार को एसडीएम की मौजूदगी में कुछ अधिवक्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें धक्का देकर तहसील से बाहर निकाल दिया।
बताया गया कि विवाद का मुख्य कारण धारा-38 की पत्रावली था। अधिवक्ताओं ने अधूरी साक्ष्य सामग्री के बावजूद कमलेश पर दबाव बनाकर कार्य कराने की कोशिश की। जब उन्होंने नियमों के अनुसार काम करने की बात कही तो विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आ गई। पदाधिकारियों ने कहा कि कमलेश अपनी जान बचाकर तहसील से बाहर आए और घटना की जानकारी दी। उनका कहना है कि अब फरीदपुर तहसील में कार्य करना असुरक्षित है और यदि उन्हें वहां भेजा गया तो अनहोनी की आशंका बनी रहेगी।
संघ पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी कमलेश के साथ अभद्रता हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तहसील में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ दिन पूर्व कलेक्ट्रेट के राजस्व अभिलेखागार के मुख्य प्रतिलिपिक सुमित सिंह मेहरा के साथ भी अधिवक्ताओं ने दुर्व्यवहार किया था। 13 फरवरी की शाम चार बजे फरीदपुर तहसील में अधिवक्ताओं ने उनसे मुआयना कराने के लिए अनुचित दबाव बनाया। जब उन्होंने मना किया तो गाली-गलौज की गई।
इन घटनाओं को लेकर कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों में गहरा रोष है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और वे भयभीत हैं। उन्होंने मांग की कि कमलेश शर्मा और सुमित मेहरा के साथ हुई घटनाओं का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए।
डीएम ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के बीच सामंजस्य बनाए रखना जरूरी है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा या दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






