बरेली में 30 लाख की अफीम के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, सप्लाई से पहले पुलिस ने पकड़ा

बरेली की बारादरी पुलिस ने शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1 किलो 270 ग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी बाजार कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि शुक्रवार रात पुलिस टीम डोहरा चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दो लोग मादक पदार्थ की तस्करी करने की फिराक में हैं। पुलिस टीम तुरंत पीलीभीत बाईपास पर सेटेलाइट के पास खाली पड़े प्लॉट की ओर रवाना हुई। वहां पहुंचते ही दो संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
तलाशी लेने पर उनके पास से 1 किलो 270 ग्राम अफीम बरामद हुई। बरामद अफीम की कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नाम कुंवरपाल यादव निवासी गांव मसियाबाद थाना मीरगंज और अजय सैनी निवासी मेहतरपुर करोड़ थाना बिथरी चैनपुर बताए।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अफीम बारादरी क्षेत्र के फाइक एंक्लेव निवासी मनमून से खरीदते थे। अजय सैनी ने बताया कि वह पहले बिजली का काम करता था, लेकिन उसकी पहचान मनमून से हो गई। मनमून ट्रक चलाने का काम करता था और उसने लालच देकर अजय को तस्करी में शामिल कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में मनमून को भी नामजद किया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अफीम की सप्लाई विभिन्न क्षेत्रों में की जाती थी।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की सतर्कता की सराहना की है। मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
अफीम की तस्करी न केवल कानूनन अपराध है बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा है। नशे की लत युवाओं को अपराध और बर्बादी की ओर धकेलती है। यही कारण है कि पुलिस और प्रशासन इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। संभावना है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नशे का कारोबार समाज के लिए कितना खतरनाक है। पुलिस की कार्रवाई से तस्करों को बड़ा झटका लगा है और यह संदेश गया है कि कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है।






