बरेली के बारादरी थाने में आत्मदाह प्रयास मामले में SSP का बड़ा एक्शन, CCTV जांच में लापरवाही उजागर होने पर दरोगा सस्पेंड।

बरेली के बारादरी थाने में आत्मदाह की कोशिश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दारोगा सुरेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया है।
एसपी सिटी मानुष पारीक की जांच में सामने आया कि पीड़ित अक्षय कुमार की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते यह खतरनाक घटना हुई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि अक्षय मंगलवार को तीन बार थाने पहुंचे थे, लेकिन जन शिकायत हेल्प डेस्क पर मौजूद दारोगा ने उनकी बात सही तरीके से नहीं सुनी और न ही मामले को जनसुनवाई रजिस्टर में दर्ज किया।
लापरवाही CCTV में हुई कैद
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और पुलिसकर्मियों के बयान सामने आए, जिनसे यह पुष्टि हुई कि संवेदनशील मामले के बावजूद दारोगा सुरेंद्र शर्मा ने न तो शिकायत को दर्ज किया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
रिपोर्ट मिलते ही एसएसपी ने तुरंत प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
बाइक चोरी से शुरू हुआ पूरा मामला
फतेहगंज पश्चिमी निवासी अक्षय कुमार, जो एक डिलीवरी कंपनी में काम करते हैं, सोमवार शाम गंगापुर में डिलीवरी देने गए थे। इसी दौरान एक युवक उनकी बाइक लेकर फरार हो गया।
भागते समय आरोपी ने माधोवाड़ी निवासी आकाश के चाचा चंद्रसेन को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गए और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने आरोपी और बाइक को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया, लेकिन जब अक्षय अपनी बाइक लेने मंगलवार को थाने पहुंचे तो उन्हें बाइक नहीं दी गई।
शराब के नशे में थाने पहुंचा और लगाई आग
बताया जा रहा है कि अक्षय शाम को शराब पीकर फिर थाने पहुंचे और आक्रोश में आकर उन्होंने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। इस घटना में वह करीब 25 प्रतिशत तक झुलस गए।
बारादरी पुलिस ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से बाद में परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए।
दो FIR दर्ज, जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। पहली एफआईआर अक्षय की ओर से बाइक चोरी की और दूसरी आकाश की ओर से एक्सीडेंट के मामले में दर्ज की गई है।
अक्षय के अनुसार, उन्होंने आरोपी से अपनी बाइक वापस छीनी और पुलिस को सूचना दी थी। वहीं, दूसरी ओर आकाश ने अपने घायल चाचा के लिए न्याय की मांग की है।
पुलिस पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते शिकायत दर्ज कर ली जाती और उचित कार्रवाई होती, तो संभवतः आत्मदाह जैसी घटना को टाला जा सकता था।
फिलहाल, विभागीय जांच जारी है और पुलिस प्रशासन आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।






