अयोध्या मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला, बीएससी नर्सिंग छात्र की पिटाई, दो नामजद समेत 10 पर केस

Rajrishi Dashrath Autonomous State Medical College में रैगिंग को लेकर विवाद के बाद बीएससी नर्सिंग के एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शनिवार देर शाम कॉलेज परिसर के बाहर चाय की दुकान पर कुछ सीनियर छात्रों ने मिलकर जूनियर छात्र पर हमला कर दिया। घटना में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
मामले में Ayodhya की कोतवाली पुलिस ने दो नामजद और आठ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चाय की दुकान पर हुआ हमला
पीड़ित छात्र यशमणि त्रिपाठी, जो Maharajganj district के फरेंदा क्षेत्र के निवासी हैं, ने बताया कि वह बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उनके अनुसार शनिवार दोपहर उनके दोस्तों आनंद और शिवाकर की सीनियर छात्र अतुल चौधरी से रैगिंग को लेकर बहस हो गई थी। उस समय कॉलेज के शिक्षकों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करा दिया था।
पीड़ित के अनुसार शाम करीब साढ़े सात बजे वह अकेले कॉलेज परिसर के बाहर एक चाय की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान अतुल चौधरी और बादल सिंह अपने सात–आठ साथियों के साथ वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया।
लाठी-डंडों और रॉड से की पिटाई
पीड़ित छात्र का आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उनकी बुरी तरह पिटाई की। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और सिर फट गया। आसपास मौजूद लोगों के जुटने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। जाते समय उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
कोतवाली प्रभारी Pankaj Singh ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर दो नामजद और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घायल छात्र का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान के लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही है। घटना के समय इलाके में सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है और उनकी वर्तमान लोकेशन भी खंगाली जा रही है। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
रैगिंग को माना जा रहा मुख्य कारण
प्राथमिक जांच में इस घटना की मुख्य वजह रैगिंग को माना जा रहा है। पीड़ित छात्र का कहना है कि रैगिंग का विरोध करने के कारण सीनियर छात्रों के साथ उनकी और उनके दोस्तों की पहले से रंजिश चल रही थी।
कॉलेज प्रशासन ने भी लिया संज्ञान
इस पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाने की बात कही है। कॉलेज के प्राचार्य Dr. Dinesh Singh Martolia ने बताया कि दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाया गया है और कॉलेज स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि संस्थान में रैगिंग जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह एक गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





