UP में अवैध कब्जों पर सख्ती: 7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं हटाया तो चलेगा बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने कड़ा रुख अपना लिया है। सीबीगंज क्षेत्र में रामपुर रोड पर सरकारी जमीन पर बनाए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कब्जाधारियों को अंतिम चेतावनी जारी कर दी गई है। स्पष्ट किया गया है कि यदि सात दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नगर निगम की टीम बुलडोजर चलाकर इन निर्माणों को ध्वस्त कर देगी।
रामपुर रोड पर अतिक्रमण बना बाधा
दरअसल, सीबीगंज स्थित रामपुर रोड के चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है, लेकिन सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जे इस विकास कार्य में बाधा बन रहे हैं। नगर निगम के संपत्ति अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि गाटा संख्या 128 की सरकारी जमीन पर नियमों के विरुद्ध टिन शेड और अन्य अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर दी गई हैं।
जांच में यह सामने आया कि पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद संबंधित लोगों ने केवल अस्थायी अतिक्रमण हटाया, जबकि स्थायी कब्जा अब भी बना हुआ है। ऐसे में अब सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कई दुकानदारों को मिला अंतिम नोटिस
नगर निगम ने इस मामले में कई दुकानदारों और व्यक्तियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से गुप्ता मेडिकल स्टोर, माहेश्वरी मेडिकल स्टोर, ओंकारेश्वर भोजनालय, आहूजा साइकिल स्टोर और प्रगति मेडिकल स्टोर सहित अन्य नाम शामिल हैं।
इसी तरह आयुष गुप्ता, गौरव गुप्ता, सौरभ गुप्ता समेत कई लोगों पर भी सरकारी जमीन पर टिन शेड डालकर और लोहे की संरचना बनाकर कब्जा करने का आरोप है। विभाग के अनुसार, इन लोगों को पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाया गया।
खलीलपुर रोड पर 300 मकानों पर संकट
वहीं, खलीलपुर रोड पर स्थिति और गंभीर नजर आ रही है। यहां सड़क किनारे बनाए गए करीब 300 मकानों को पहले ही चिन्हित कर उनके ऊपर लाल निशान लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद भी कब्जाधारियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया।
मंगलवार को नगर निगम की टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की नापजोख के साथ दस्तावेजों की जांच की। टीम ने लोगों से जमीन से संबंधित वैध कागजात प्रस्तुत करने को कहा है।
कार्रवाई की तैयारी तेज
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे सभी निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जा सकता है।
इस पूरे अभियान को शहर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।






