बरेली सपा जिलाध्यक्ष पर मंथन तेज, हाईकमान ने बुलाई बैठक
बरेली में समाजवादी पार्टी के नए जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप को हटाए जाने के बाद से खाली पड़े इस अहम पद पर नियुक्ति के लिए अब पार्टी हाईकमान सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में बरेली से पार्टी के सभी विधानसभा अध्यक्षों और महानगर अध्यक्ष को लखनऊ मुख्यालय बुलाया गया है, जहां नामों पर मंथन किया जाएगा।
लखनऊ में होगा अंतिम मंथन
सूत्रों के मुताबिक, संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व इस बार सोच-समझकर निर्णय लेने के मूड में है। अंतिम फैसला अखिलेश यादव द्वारा ही लिया जाएगा, जिसे लेकर पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चाएं तेज हैं।
लंबे समय से खाली है पद
शिवचरन कश्यप को हटाए जाने के बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नए जिलाध्यक्ष के नाम पर सहमति नहीं बन सकी है। विधानसभा और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच संगठन का यह प्रमुख पद खाली होना पार्टी के लिए चुनौती बना हुआ है।
गुटबाजी और रस्साकशी बनी बड़ी बाधा
बरेली में सपा संगठन के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। खासतौर पर यादव वर्ग के नेताओं के बीच जिलाध्यक्ष पद को लेकर कई दावेदार सामने हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया जटिल होती जा रही है। पार्टी नेतृत्व इन मतभेदों को खत्म कर संतुलित चेहरा सामने लाने की कोशिश में है।
इन नामों पर चल रही चर्चा
राजनीतिक गलियारों में पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार और शुभलेश यादव समेत कुछ युवा चेहरों के नामों की चर्चा जोरों पर है। हालांकि, पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को देखते हुए किसी नए और अप्रत्याशित नाम पर भी मुहर लग सकती है।
PDA फॉर्मूले पर खास फोकस
समाजवादी पार्टी इस समय PDA समीकरण को मजबूत करने पर जोर दे रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि जिलाध्यक्ष का चयन भी इसी सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाएगा, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी को फायदा मिल सके।
नेताओं की बढ़ी लखनऊ दौड़
जिलाध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल दावेदार लगातार बरेली से लखनऊ तक संपर्क साध रहे हैं। बैठक के बाद स्थिति साफ होने की उम्मीद है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान के पाले में ही है।






