टपरी कांड: मनोज जायसवाल की संपत्तियां निशाने पर, कुर्की पर सवाल

टपरी शराब डिस्टलरी से जुड़े करोड़ों रुपये के टैक्स चोरी मामले में आरोपी शराब माफिया मनोज जायसवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रशासन अब उनकी अन्य बेशकीमती संपत्तियों पर भी कार्रवाई की तैयारी में है।
वहीं, सहारनपुर प्रशासन द्वारा जारी कुर्की आदेश में गिरोह के कथित सरगना प्रणय अनेजा का नाम शामिल न होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
35 करोड़ टैक्स चोरी का मामला
साल 2021 में सहारनपुर स्थित टपरी डिस्टलरी से करीब 35 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में मनोज जायसवाल, उनके भाई नीरज जायसवाल समेत कुल 27 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
इस गिरोह का मुख्य सरगना प्रणय अनेजा को बताया गया, जो बदायूं के पूर्व विधायक दिवंगत जोगेंद्र सिंह अनेजा का पौत्र है।
संपत्तियों पर प्रशासन की कार्रवाई
सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल द्वारा 7 मार्च को कई आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया। इसके तहत—
- मनोज जायसवाल
- नीरज जायसवाल
- अजय जायसवाल
- अशोक दीक्षित
- अरविंद कुमार वर्मा
की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बरेली में जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर एसीएम द्वितीय के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने हरुनगला क्षेत्र में तीन खाली प्लॉट और पीलीभीत रोड स्थित आवास-विकास कॉलोनी में एक व्यावसायिक प्लॉट को कुर्क कर दिया। वहां मुनादी कराकर खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए बोर्ड भी लगा दिए गए हैं।
अन्य संपत्तियां भी रडार पर
अब प्रशासन की नजर मनोज जायसवाल की अन्य संपत्तियों पर भी है। मॉडल टाउन और शाहजहांपुर रोड स्थित उनकी बेशकीमती प्रॉपर्टी को भी चिन्हित किया जा रहा है।
इसके अलावा अन्य जिलों में मौजूद संपत्तियों का भी ब्यौरा जुटाया जा रहा है, जिससे आगे और कुर्की कार्रवाई की जा सके।
पहले भी हो चुकी कार्रवाई
मनोज जायसवाल के खिलाफ पहले भी कई कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। स्टेडियम रोड स्थित उनका “डाउनटाउन” और “तमाशा बार” जैसी संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है। साथ ही 2021 में ही टपरी कांड के बाद कई दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए थे।
कुर्की आदेश में सरगना का नाम नहीं, उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरोह के कथित सरगना प्रणय अनेजा का नाम कुर्की आदेश में शामिल क्यों नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार, प्रणय अनेजा फिलहाल दिल्ली में रह रहा है और उसके परिवार के पास बदायूं, बरेली और दिल्ली में भी कई संपत्तियां हैं। इसके बावजूद उसका नाम सूची से बाहर होना प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है।
इसके अलावा सीबीगंज निवासी अश्वनी उपाध्याय का नाम भी कुर्की सूची में नहीं है, जबकि उनकी संपत्तियों की भी जानकारी सामने आ रही है।
आगे और कार्रवाई संभव
सूत्रों के अनुसार, उन्नाव और शाहजहांपुर के आरोपी अशोक दीक्षित और अरविंद कुमार वर्मा की संपत्तियों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है। इसके लिए सहारनपुर प्रशासन द्वारा संबंधित जिलों को पत्र भेजा गया है।
क्या था पूरा मामला
मार्च 2021 में सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी से एक गेटपास पर दो ट्रकों में शराब निकाले जाने का मामला सामने आया था।
- एक ट्रक बरेली के हरुनगला क्षेत्र में पकड़ा गया
- जांच में 1415 पेटियां अवैध रूप से लाई जाने की पुष्टि हुई
- ट्रक चालक संजय संतोषजनक जवाब नहीं दे सका
इसके बाद मनोज जायसवाल और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी लखनऊ को सौंप दी गई और बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।





