बरेली में गेहूं खरीद को लेकर DM सख्त, केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश

उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में गेहूं खरीद प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि जिले में गेहूं खरीद का अभियान 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। इस अवधि के लिए सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को इसी निर्धारित दर पर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह से दुरुस्त रहें। इसमें जरूरी अभिलेख, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, तिरपाल और अन्य मूलभूत संसाधनों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पेयजल और छाया की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। यदि गेहूं में नमी अधिक पाई जाती है, तो उसे सीधे अस्वीकृत करने के बजाय पहले उसे सुखाने की व्यवस्था केंद्र स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल सिस्टम (DSC) के उपयोग को अनिवार्य बताया है। सभी प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज की जाएं और टोकन प्रणाली का कड़ाई से पालन किया जाए। इससे किसानों को लंबी कतारों और अव्यवस्था से राहत मिलेगी।
इसके अलावा, खरीदे गए गेहूं के समय पर उठान को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि उठान में देरी होती है तो इससे क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था बढ़ती है और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को बेहतर और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।






