बरेली में पर्यटन विकास को मिली रफ्तार, 13 परियोजनाओं से बदलेगा शहर का स्वरूप

रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल
बरेली। जनपद में पर्यटन विकास को नई गति मिलने जा रही है। शासन स्तर से 13 महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बाद शहर के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के स्वरूप में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। इन योजनाओं से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
पर्यटन विभाग की पहल के तहत शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। शहर के मध्य स्थित आनंद आश्रम में लगभग 90.51 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें यात्री विश्राम गृह, पाथवे और हॉर्टीकल्चर से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके लिए 53 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है।
धार्मिक स्थलों का होगा व्यापक विकास
बड़ा बाग हनुमान मंदिर के विकास पर 355.54 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां मल्टीपर्पज हॉल, धर्मशाला, मुख्य द्वार और सौंदर्यीकरण कार्य कराए जाएंगे। वहीं, श्रीरामजानकी (सीताराम) मंदिर में भी 296.63 लाख रुपये की लागत से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
प्राचीन बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में 195.39 लाख रुपये की लागत से फसाड लाइटिंग कराई जाएगी, जिससे मंदिर की भव्यता और आकर्षण में वृद्धि होगी। इसके साथ ही ऐतिहासिक अहिच्छत्र क्षेत्र के समेकित विकास के लिए 213.40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जहां पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इतिहास और इको-टूरिज्म को बढ़ावा
महाभारत कालीन द्रोपदी स्वयंवर थीम पार्क के निर्माण के लिए 99.02 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जो ऐतिहासिक पर्यटन को नई पहचान देगा। इसके अलावा इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए लीलौर झील और ढिलवारी राम कटोरा ताल के विकास पर 295.17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रामीण पर्यटन पर भी फोकस
परियोजनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया गया है। सिरोही के पहलऊनाथ मंदिर, सिसैया मगनपुर के प्राचीन शिव मंदिर, लालपुर के ठाकुरजी मंदिर और पूर्णागिरी शिव मंदिर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। यहां यात्रियों के लिए विश्राम गृह, पेयजल, स्वच्छता और ऊर्जा से जुड़ी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बल
पर्यटन सूचना अधिकारी मनीष सिंह के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बरेली में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, साथ ही जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।






