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बरेली

कोहाड़ापीर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज, नोटिस के बाद दुकानदार खुद तोड़ रहे अवैध निर्माण

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रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल, बरेली

बरेली के कोहाड़ापीर क्षेत्र में नगर निगम की सख्ती के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। कब्रिस्तान की बाउंड्री के बाहर वक्फ संपत्ति के नाम पर खड़ी की गई अवैध दुकानों को अब दुकानदार स्वयं ही हटाने में जुट गए हैं। निगम द्वारा किए गए चिन्हांकन के बाद यह कार्रवाई तेज हो गई है।

वर्षों पुराना अतिक्रमण अब निशाने पर

स्थानीय जानकारी के अनुसार, धर्मकांटे से पहले एक ओर मस्जिद और दूसरी ओर मंदिर स्थित हैं। इन धार्मिक स्थलों के आसपास वर्षों पहले दुकानों का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया था। लंबे समय से यहां व्यापारिक गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन इस पर प्रशासन ने पहले कभी सख्ती नहीं दिखाई।

अब मुख्यमंत्री ग्रिड योजना (CM Grid Scheme) के तहत सड़क चौड़ीकरण कार्य शुरू होने के चलते नगर निगम ने कार्रवाई को तेज कर दिया है।

800 दुकानदारों को नोटिस, बुलडोजर भी चला

कोहाड़ापीर से धर्मकांटा होते हुए नैनीताल रोड तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत करीब 800 दुकानदारों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था।

अंतिम चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण न हटाने पर निगम की टीम ने कई स्थानों पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। इसके बाद अब कई दुकानदार स्वयं ही अपने निर्माण को हटाने लगे हैं, ताकि सख्त कार्रवाई से बचा जा सके।

वक्फ संपत्ति के नाम पर 80 अवैध दुकानें

नगर निगम की नपाई के दौरान खुलासा हुआ कि वक्फ संपत्ति के नाम पर करीब 80 दुकानों का निर्माण किया गया था, जो पूरी तरह अवैध पाए गए। इसके बाद संबंधित दुकानदारों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

नैनीताल रोड के किनारे स्थित अन्य दुकानदारों को भी नोटिस जारी कर एक सप्ताह की समयसीमा दी गई है।

स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे शहर के विकास और यातायात व्यवस्था सुधार के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं। वहीं, प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वर्षों से चल रहे उनके रोजगार पर अचानक संकट खड़ा हो गया है।

पुनर्वास का मुद्दा बना चुनौती

गौरतलब है कि नगर निगम अक्सर बड़ी परियोजनाओं के दौरान ही अतिक्रमण के खिलाफ सक्रिय होता है। कोहाड़ापीर में भी दशकों पुराने मानचित्र के आधार पर नपाई की गई, जबकि वर्तमान में क्षेत्र पूरी तरह बदला हुआ है।

फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस सड़क चौड़ीकरण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है, लेकिन प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है, जो आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती बन सकती है।

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