बरेली में जमीन विवादों पर सख्ती: हर केस होगा रजिस्टर में दर्ज, SSP अनुराग आर्य का बड़ा आदेश

उत्तर प्रदेश, बरेली
रिपोर्ट: लाइव भारत टीवी / देवेंद्र पटेल
बरेली। जिले में लगातार बढ़ रहे भूमि विवादों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य के निर्देश पर अब बरेली के सभी थानों में जमीन से जुड़े हर छोटे-बड़े विवाद को अनिवार्य रूप से एक विशेष रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर ही विवादों का समाधान कर उन्हें गंभीर संघर्ष या हिंसक घटनाओं में बदलने से रोकना है।
🔍 हर शिकायत होगी दर्ज, बढ़ेगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी भूमि विवाद की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। थानों में प्राप्त होने वाली हर शिकायत को तुरंत रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा और उसकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
अब तक कई मामलों में छोटे विवादों को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, जो समय के साथ बड़े झगड़ों का रूप ले लेते थे। लेकिन इस आदेश के बाद प्रत्येक मामले पर शुरुआती स्तर से ही ध्यान दिया जाएगा।
🤝 पुलिस और राजस्व विभाग का संयुक्त एक्शन
एसएसपी के निर्देश के अनुसार, जैसे ही किसी भूमि विवाद की सूचना मिलती है, संबंधित थाना प्रभारी राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त टीम बनाकर मौके पर पहुंचेंगे।
इस टीम में लेखपाल, कानूनगो सहित अन्य राजस्व कर्मियों को शामिल किया जाएगा, ताकि जमीन से जुड़े मामलों का निष्पक्ष और त्वरित समाधान किया जा सके। इससे विवाद के कानूनी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं पर एक साथ कार्रवाई संभव होगी।
⚖️ जिम्मेदारी तय, सीओ होंगे नोडल अधिकारी
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक सर्किल में तैनात क्षेत्राधिकारी (CO) को भूमि विवादों के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका मतलब है कि अब हर मामले की जवाबदेही तय होगी और उच्च स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।
यदि किसी विवाद का समाधान थाना स्तर पर नहीं हो पाता, तो उसे तुरंत उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
🚨 क्यों जरूरी था यह कदम?
बरेली समेत प्रदेश के कई जिलों में भूमि विवाद अक्सर गंभीर झगड़ों और हिंसक घटनाओं का कारण बनते रहे हैं। छोटी-छोटी कहासुनी कई बार बड़े संघर्ष में बदल जाती है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होती है।
ऐसे में प्रशासन का यह कदम न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आम नागरिकों को समय पर राहत और न्याय दिलाने में भी सहायक साबित हो सकता है।
📊 नई व्यवस्था से क्या होगा बदलाव?
- सभी भूमि विवादों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा
- शुरुआती स्तर पर हस्तक्षेप से समाधान की संभावना बढ़ेगी
- पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा
- बड़े विवाद और हिंसा की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद
📝 निष्कर्ष
एसएसपी अनुराग आर्य का यह फैसला बरेली में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, लेकिन संकेत साफ हैं कि भूमि विवादों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।






