प्यार के लिए बदला धर्म: महजबीन बनीं ‘लक्ष्मी’, हिन्दू युवक विशाल संग लिए सात फेरे
जिले के शीशगढ़ क्षेत्र में प्रेम कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया, जब जाफरपुर गांव की रहने वाली मुस्लिम युवती महजबीन ने अपने प्रेमी विशाल के साथ विवाह करने के लिए सनातन धर्म अपनाया।

बरेली। जिले के शीशगढ़ क्षेत्र में प्रेम कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया, जब जाफरपुर गांव की रहने वाली मुस्लिम युवती महजबीन ने अपने प्रेमी विशाल के साथ विवाह करने के लिए सनातन धर्म अपनाया। धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराई गई, जिसके बाद महजबीन का नया नाम “लक्ष्मी” रखा गया। इसके बाद दोनों ने हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी बना लिया।
बताया जा रहा है कि विशाल, बल्ली गांव का निवासी है। दोनों की पहचान स्कूल के दिनों से थी। आठवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इंटरमीडिएट तक पहुंचते-पहुंचते दोनों का रिश्ता काफी मजबूत हो चुका था। बालिग होने के बाद दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया।
परिजनों की असहमति के बाद दोनों ने अपने भविष्य का फैसला खुद लेने का निर्णय किया। इसके बाद वे अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे, जहां आचार्य केके शंखधार ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद युवती ने सनातन धर्म स्वीकार करते हुए अपना नाम “लक्ष्मी” रखा और विशाल के साथ विधिवत विवाह कर लिया।
नई दुल्हन लक्ष्मी ने कहा कि उन्हें सनातन धर्म की परंपराओं और मान्यताओं पर विश्वास है। उन्होंने कहा कि इस धर्म में महिलाओं को अपनी बात रखने और स्वतंत्र जीवन जीने की आजादी मिलती है। लक्ष्मी ने बताया कि वह पहले भी विशाल के साथ मंदिर जाया करती थीं और सनातन संस्कृति से प्रभावित थीं।
वहीं, इस विवाह को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। कुछ लोग इसे प्रेम और आपसी विश्वास की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अलग नजरिए से देख रहे हैं।






