बरेली नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा, टेंडरों में ‘खेल’ के आरोपों के बीच 1100 करोड़ का बजट पास

बरेली। नगर निगम की बोर्ड बैठक मंगलवार को भारी हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच संपन्न हुई। विकास कार्यों पर चर्चा के बजाय बैठक का केंद्र निर्माण विभाग में कथित भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप रहे। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने जनहित के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष को घेरना शुरू कर दिया।
सदन में तीखी बहस और शोर-शराबे के बीच “लोकतंत्र की हत्या” जैसे नारे गूंजे। महापौर द्वारा केवल बजट पर चर्चा की अनुमति देने की बात ने माहौल को और गरमा दिया। अंततः विरोध के बीच नगर निगम ने 1100 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया।
🔴 अधूरे एजेंडे और गंभीर आरोप बैठक की शुरुआत में ही पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने अधूरे एजेंडे पर नाराजगी जताई। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने निर्माण विभाग को “भ्रष्टाचार का अड्डा” बताया और कहा कि विकास के लिए आने वाला पैसा फाइलों में ही अटक जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि महापौर कैंप कार्यालय के सौंदर्यीकरण के लिए बार-बार टेंडर निकल सकते हैं, लेकिन वार्डों की टूटी सड़कें और नालियों के लिए टेंडर महीनों तक क्यों अटके रहते हैं।
⚠️ हंगामा और कार्यवाही रोकनी पड़ी महापौर द्वारा बिना विस्तृत चर्चा के बजट पास कराने की कोशिश पर विपक्षी पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने पर कार्यवाही रोकनी पड़ी और बाद में दोबारा शुरू की गई। बैठक में नगर आयुक्त संजीव मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय और मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
🐕 आवारा कुत्तों का मुद्दा पार्षद अब्दुल क्यूम मुन्ना ने बताया कि बधियाकरण पर 36 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या जस की तस बनी हुई है। सभी पार्षदों ने माना कि समस्या पहले से ज्यादा बढ़ गई है।
💼 टैक्स विभाग में गड़बड़ी पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि टैक्स विभाग में आउटसोर्सिंग कर्मी वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने पारदर्शिता के लिए पटल परिवर्तन की मांग की।
🌳 पार्कों की बदहाल स्थिति पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने कहा कि मालियों से पेंटिंग कराई जा रही है, जबकि उन्हें हरियाली संभालनी चाहिए। उन्होंने पार्कों के रखरखाव पर ध्यान देने की मांग की।
💰 1100 करोड़ के बजट में प्रमुख प्रावधान
- सड़क निर्माण व मरम्मत – 120 करोड़
- 30,000 नई स्ट्रीट लाइट – 20 करोड़
- सफाई व कूड़ा कलेक्शन – 15 करोड़
- जल आपूर्ति व सीवर लाइन – 10 करोड़
- 330 पार्कों का कायाकल्प (ग्रीन बरेली) – 10 करोड़
- आवारा कुत्तों की नसबंदी व नंदीशाला – अलग बजट
📊 आय लक्ष्य में बढ़ोतरी
- पिछला लक्ष्य: 600 करोड़ रुपये
- नया लक्ष्य: 750 करोड़ रुपये
⚡️ विकास बनाम भ्रष्टाचार की जंग बजट पास होने के बावजूद बैठक में उठे सवालों से साफ है कि बरेली में विकास कार्यों को लेकर पारदर्शिता और भ्रष्टाचार की बहस अभी भी जारी है।






