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बरेली

करंट की चपेट में आने से युवक ने गंवाए दोनों हाथ, अब DM ने बढ़ाया मदद का हाथ

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करंट की चपेट में आने से युवक ने गंवाए दोनों हाथ, अब DM ने बढ़ाया मदद का हाथ

बरेली में दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन हरकत में, पीड़ित परिवार को इलाज और नौकरी का आश्वासन

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बिजली विभाग की लापरवाही का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए। हादसे के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।

यह हादसा भमोरा थाना क्षेत्र के चुराह नवदिया गांव में 16 मई को हुआ था। जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग का संविदाकर्मी सुनील क्षेत्र में विद्युत लाइन ठीक करने गया था। उसके साथ उसका परिचित विपिन भी मौजूद था। आरोप है कि बिना पूरी सुरक्षा प्रक्रिया और शटडाउन सुनिश्चित किए विपिन को 11 हजार वोल्ट के बिजली पोल पर चढ़ा दिया गया।

जैसे ही विपिन ने पोल पर कार्य शुरू किया, अचानक लाइन में करंट दौड़ गया और वह हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। तेज धमाके के साथ विपिन पोल से नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि उसके दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए और डॉक्टरों को जान बचाने के लिए दोनों हाथ काटने पड़े। शरीर के कई हिस्से भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

घटना के बाद से विपिन और उसका परिवार गहरे सदमे में है। दो छोटे बच्चों के पिता विपिन अब जिंदगीभर के लिए दिव्यांग हो गया है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक तंगी और इलाज के भारी खर्च ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी है।

पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह से मुलाकात कर न्याय और सहायता की गुहार लगाई। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि विपिन का बेहतर इलाज कराया जाएगा और परिवार को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही परिवार के दो सदस्यों को सरकारी विभागों में संविदा के आधार पर नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि घायल युवक विपिन बिजली विभाग का अधिकृत संविदाकर्मी नहीं था, बल्कि वह संविदाकर्मी सुनील के साथ गया था। इसके बावजूद प्रशासन मानवीय आधार पर पीड़ित परिवार की पूरी मदद करेगा।

वहीं, पीड़ित परिजनों ने संविदाकर्मी सुनील, एसएसओ दिनेश और संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते शटडाउन प्रक्रिया पूरी कर ली जाती और सुरक्षा मानकों का पालन होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता को तलब कर पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के संकेत मिलने के बाद बिजली विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर देखने को मिलती है, जिसके चलते आए दिन संविदाकर्मी और आम लोग हादसों का शिकार होते हैं। लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को स्थायी आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

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