जनता दर्शन में सीएम योगी सख्त, दीप्ति की फरियाद पर डीएम को तुरंत कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ/बरेली: उत्तर प्रदेश में जनसुनवाई के प्रमुख मंच ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बरेली की एक महिला दीप्ति की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
दीप्ति ने मुख्यमंत्री को अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया कि वह किराए के मकान में रहकर ठेला लगाकर परिवार का गुजारा कर रही हैं। सीमित आय के चलते बच्चों की शिक्षा और परवरिश में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महिला की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने बरेली के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि मामले का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि दीप्ति को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लाभ दिलाया जाए, ताकि उनके स्वरोजगार को मजबूती मिल सके। मुख्यमंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशीलता को देखकर दीप्ति भावुक हो गईं और उन्होंने आभार व्यक्त किया।
आवास के मुद्दे पर भी आश्वासन
जनता दर्शन में पहुंचे कई अन्य फरियादियों ने आवास की मांग को लेकर अपनी समस्याएं रखीं। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर पात्र व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्रता के आधार पर सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
इलाज और शिक्षा को लेकर सख्त निर्देश
इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वाले फरियादियों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उपचार का खर्च सरकार वहन करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों का एस्टिमेट तैयार कर जल्द से जल्द शासन को भेजा जाए।
वहीं, बच्चों की शिक्षा से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूल प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर शिक्षा निरंतर जारी रखी जाए।
अवैध कब्जे और पुलिस मामलों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनसेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश की लगभग 25 करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।






