बेसमेंट में चल रहा ‘मौत का कारोबार’! बरेली में अस्पतालों पर चला प्रशासन का शिकंजा, ओटी और एनआईसीयू सील

बेसमेंट में चल रहा ‘मौत का कारोबार’! बरेली में अस्पतालों पर चला प्रशासन का शिकंजा, ओटी और एनआईसीयू सील
बरेली। राजधानी दिल्ली में होटल में लगी भीषण आग के बाद शासन ने अब बरेली में भी होटल और अस्पतालों के बेसमेंट में चल रही अनाधिकृत गतिविधियों पर सख्ती शुरू कर दी है। सोमवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में शहर के पीलीभीत बाईपास रोड स्थित केजीएन सहारा अस्पताल के बेसमेंट में संचालित ऑपरेशन थियेटर (OT) और एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया गया। वहीं शाहजहांपुर रोड स्थित अमन नर्सिंग होम को नोटिस जारी कर बेसमेंट में गतिविधियों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, शहर के कई होटल और अस्पतालों में बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग और स्टोर के बजाय पार्टी हॉल, ऑपरेशन थियेटर, एनआईसीयू और अन्य संवेदनशील गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। दैनिक जागरण द्वारा किए गए खुलासे में फायर सेफ्टी मानकों की भारी अनदेखी सामने आई थी। कई संस्थानों में न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मिले और न ही आपातकालीन निकास मार्गों की समुचित व्यवस्था पाई गई। इसके बावजूद मरीजों का उपचार जारी था।
रविवार को प्रकाशित खबर ‘होटल ही नहीं अस्पतालों में भी चल रहा मौत का कारोबार’ के बाद शासन ने मामले का गंभीर संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जांच व कार्रवाई के निर्देश जारी किए। शासन की नाराजगी के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित के नेतृत्व में शहरभर में जांच के लिए निकली।
जांच के दौरान केजीएन सहारा अस्पताल में बेसमेंट में संचालित ओटी और एनआईसीयू वार्ड नियमों के विपरीत पाए गए, जिसके बाद दोनों यूनिटों को सील कर दिया गया। वहीं अमन नर्सिंग होम में भी गंभीर खामियां मिलने पर नोटिस जारी किया गया और बेसमेंट में गतिविधियां तत्काल बंद करने को कहा गया।
100 से अधिक अस्पतालों में नियमों की अनदेखी
सूत्रों के अनुसार शहर के डीडीपुरम, राजेंद्रनगर, स्टेडियम रोड, रामपुर गार्डन, पीलीभीत बाईपास रोड समेत कई क्षेत्रों में 100 से अधिक निजी अस्पतालों में बेसमेंट में अवैध या नियमविरुद्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बेसमेंट में आग, धुआं या आपातकालीन स्थिति होने पर मरीजों और आमजन की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
अब तक जिम्मेदार विभाग इन व्यवस्थाओं से अनजान बने हुए थे, लेकिन शासन की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमों ने जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य अस्पतालों और होटलों की भी जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फायर सेफ्टी और बेसमेंट संचालन पर उठे बड़े सवाल
शहर में लगातार बढ़ते निजी अस्पतालों और होटलों के बीच फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर बिना मानकों के इतने वर्षों से बेसमेंट में ऑपरेशन थियेटर और एनआईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड कैसे संचालित होते रहे और जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।






