जनगणना प्रशिक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: अनुपस्थित कर्मियों पर एफआईआर के निर्देश डीएम ने प्रशिक्षण केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, भोजन व साफ-सफाई की गुणवत्ता खुद परखी उत्तर प्रदेश लाइव भारत टीवी बरेली जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने गुरुवार को मौलाना आजाद इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज बरेली में चल रहे प्रगणकों व सुपरवाइज़रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं कक्ष में बैठकर चल रही ट्रेनिंग का अवलोकन किया और कर्मियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नियुक्त कर्मियों को कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रशिक्षण की समय-सारिणी की पूर्व सूचना दी जाए, ताकि कोई भी कर्मचारी अनुपस्थित न रहे। डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि जनगणना राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अपर नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया। साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों पर उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए स्वयं भोजन चखा और कर्मियों से फीडबैक लिया। केंद्रों पर साफ-सफाई व्यवस्था, विशेषकर शौचालयों की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। प्रशिक्षण में लगे कर्मियों के लिए नाश्ते में ब्रेड पकोड़ा व चाय तथा दोपहर के भोजन में दाल मखनी, मटर पनीर, कचौड़ी, तंदूरी रोटी, चावल, रायता और मिठाई में रसगुल्ले की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक कर्मी को 400 रुपये प्रतिदिन तथा जनगणना कार्य के लिए कुल 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मियों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को पूरी जिम्मेदारी और सकारात्मकता के साथ संपन्न करें। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक देश दीपक सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बरेली। जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गुरुवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मौलाना आजाद इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज में चल रहे प्रगणकों व सुपरवाइज़रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं कक्ष में बैठकर ट्रेनिंग का अवलोकन किया और कर्मियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नियुक्त कर्मियों को कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रशिक्षण की समय-सारिणी की पूर्व सूचना दी जाए, ताकि कोई भी कर्मचारी अनुपस्थित न रहे।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जनगणना राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अपर नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया। साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों पर भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए स्वयं भोजन चखा और कर्मियों से फीडबैक लिया। साफ-सफाई व्यवस्था, विशेषकर शौचालयों की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया।
प्रशिक्षण में लगे कर्मियों के लिए नाश्ते में ब्रेड पकोड़ा व चाय तथा दोपहर के भोजन में दाल मखनी, मटर पनीर, कचौड़ी, तंदूरी रोटी, चावल, रायता और मिठाई में रसगुल्ले की व्यवस्था की गई थी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक कर्मी को 400 रुपये प्रतिदिन तथा जनगणना कार्य के लिए कुल 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मियों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को पूरी जिम्मेदारी और सकारात्मकता के साथ संपन्न करें।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक देश दीपक सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, उप जिलाधिकारी सदर और तहसीलदार सदर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






