बरेली: खराब प्रदर्शन पर 14 अफसरों से जवाब तलब, डीएम ने दी वेतन रोकने की चेतावनी

बरेली, संवाददाता। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। Integrated Grievance Redressal System (आईजीआरएस) पोर्टल और हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा में कई विभागों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया। इसके चलते जिलाधिकारी ने 14 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और चेतावनी दी है कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो अगली बार वेतन रोकने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
1 से 21 अप्रैल की समीक्षा में खुली पोल
जिलाधिकारी ने 1 अप्रैल से 21 अप्रैल तक दर्ज शिकायतों का रिपोर्ट कार्ड खंगाला। इसमें सामने आया कि कई मामलों में निस्तारण केवल कागजों तक सीमित रहा। शिकायतकर्ताओं ने समाधान को लेकर असंतोष जताया, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
इन विभागों पर गिरी गाज
कार्रवाई के दायरे में आवास विकास, सिंचाई, वाणिज्य कर, चकबंदी, खेलकूद, खाद्य एवं विपणन विभाग शामिल हैं। इसके अलावा बहेड़ी क्षेत्र के चिकित्सा व निबंधन विभाग, फतेहगंज पूर्व के बाल विकास परियोजना, कृषि विभाग (भूमि संरक्षण), नगर निगम का जलकल विभाग और भोजीपुरा के सहायक विकास अधिकारी से भी जवाब तलब किया गया है।
डीएम की दो टूक
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में खानापूर्ति नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी व्यक्तिगत रूप से फाइलों की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता संतुष्ट हो।
लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’
डीएम ने चेतावनी दी कि जनसुनवाई से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में सुधार नहीं दिखा तो सीधे कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जनता को बेहतर सेवा देने पर जोर
प्रशासन का मानना है कि आईजीआरएस जैसी व्यवस्था का उद्देश्य जनता को त्वरित और पारदर्शी समाधान देना है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे शिकायतों को गंभीरता से लें और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।






