मोहर्रम पर बरेली पुलिस सख्त: 12 फीट से ऊंचा ताजिया नहीं निकलेगा, गांव-गांव पहुंचकर हो रही जांच

मोहर्रम पर बरेली पुलिस सख्त: 12 फीट से ऊंचा ताजिया नहीं निकलेगा, गांव-गांव पहुंचकर हो रही जांच
बरेली। आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस बार जिले में 12 फीट से अधिक ऊंचाई का कोई भी ताजिया निकालने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर गांव-गांव जाकर ताजियों की ऊंचाई का सत्यापन किया जा रहा है और ताजियादारों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार जनपद में इस वर्ष कुल 1033 ताजिया निकाले जाएंगे। सबसे अधिक 93 ताजिया नवाबगंज क्षेत्र में निकलेंगे। इसके अलावा बहेड़ी में 81, हाफिजगंज में 79, भोजीपुरा और सीबीगंज में 60-60, शाही में 55, फतेहगंज पश्चिमी में 50, शेरगढ़ में 49, देवरनिया में 48 तथा शीशगढ़ में 47 ताजिया निकाले जाएंगे।
इसी प्रकार इज्जतनगर में 39, बारादरी में 36, किला एवं आंवला में 30-30, सिरौली में 28, क्योलड़िया, मीरगंज और भमोरा में 26-26, कैंट में 25, बिथरी चैनपुर में 24, अलीगंज में 23, भुता में 20, फतेहगंज पूर्वी में 19, फरीदपुर में 17, प्रेमनगर में 10 तथा कोतवाली क्षेत्र में तीन ताजिया निकाले जाएंगे।
हर ताजिया पर रहेगा पुलिस का विशेष निगरानी तंत्र
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने सभी ताजियों की निगरानी के लिए एक-एक पुलिसकर्मी को नोडल अधिकारी नामित किया है। संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस टीमें क्षेत्र में पहुंचकर ताजियों की ऊंचाई, मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं का सत्यापन कर रही हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकना है।
मोहर्रम से पहले पूरी होंगी सभी तैयारियां
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) को मोहर्रम से पूर्व आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पीस कमेटी बैठकों का आयोजन, पुराने विवादों की समीक्षा, जुलूस मार्गों का निरीक्षण, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा ताजियादारों का विवरण संकलित करने जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
पिछले साल हुआ था बड़ा हादसा
प्रशासन की सख्ती के पीछे पिछले वर्ष की एक गंभीर घटना भी कारण है। फरीदपुर क्षेत्र के गौसगंज में लगभग 23 फीट ऊंचा ताजिया हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था, जिससे उसमें आग लग गई थी। इस घटना के बाद ताजियादारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस वर्ष 12 फीट की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित की गई है।
आज दिखेगा मोहर्रम का चांद
मोहर्रम का चांद मंगलवार शाम को देखा जाएगा। चांद दिखाई देने के साथ ही इस्लामी नववर्ष की शुरुआत मानी जाएगी। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और यह त्याग, सब्र तथा इंसानियत का संदेश देता है।
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी पूरी मानवता को अन्याय के खिलाफ संघर्ष और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
एसएसपी बोले: सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि मोहर्रम को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया जा रहा है तथा आयोजकों और ताजियादारों के साथ लगातार संवाद स्थापित कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।






