बरेली: घनी आबादी के बीच धधकते ईंट भट्टे, जहरीले धुएं से ग्रामीण परेशान

📍 बरेली, संवाददाता। विकासखंड बिथरी चैनपुर क्षेत्र में घनी आबादी के बीच संचालित हो रहे ईंट भट्टों से निकलता जहरीला धुआं ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। रिहायशी इलाकों के नजदीक चल रहे इन भट्टों के कारण हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ईंट भट्टों में ईंधन के रूप में कोयले के साथ-साथ प्लास्टिक, फाइबर और अन्य रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। इससे निकलने वाला धुआं और अधिक जहरीला हो जाता है। सुबह-शाम के समय यह धुआं आसपास के घरों में फैल जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासनिक प्रयासों पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि एक ओर प्रशासन संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत साफ-सफाई और फॉगिंग जैसे कार्यों की निगरानी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार का प्रदूषण अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। उनका कहना है कि जब वातावरण ही दूषित होगा, तो बीमारियों पर नियंत्रण कैसे संभव होगा।
पूर्व कार्रवाई और लापरवाही
सूत्रों के अनुसार, पूर्व में तहसील स्तर से इन ईंट भट्टों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। इससे साफ जाहिर होता है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में लापरवाही बरती जा रही है।
प्रशासन का रुख
संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से संचालित हो रहे ईंट भट्टों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आबादी के पास संचालित भट्टों को तत्काल बंद कराया जाए, प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन पर रोक लगाई जाए और क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले दिनों में बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।






