निवेश ठगी केस: आरके गोला की चार बीघा जमीन कुर्क, करोड़ों की ठगी का आरोपी
बरेली में निवेश के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी आईसीएल म्यूचुअल बेनिफिट्स लिमिटेड के निदेशक आरके गोला उर्फ रूप किशोर गोला के खिलाफ प्रशासन ने कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के आदेश के बाद प्रशासन ने बदायूं जिले में स्थित उसकी चार बीघा भूमि को कुर्क कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने पिछले वर्ष आरके गोला को आदेश दिया था कि वह निवेशकों को उनका पैसा लौटाए। आयोग द्वारा जारी चार अलग-अलग आदेशों के तहत गोला को निवेशकों को एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करना था। हालांकि, आदेशों के बावजूद उसने भुगतान नहीं किया।
इसी के चलते प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 79.77 लाख रुपये का भुगतान न करने पर बदायूं जिले के परगना उझानी के गांव मिढ़ौली में स्थित उसकी चार बीघा भूमि को कुर्क कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि गोला की अन्य संपत्तियों की भी पहचान कर सूची तैयार की जा रही है, ताकि आगे और कुर्की की कार्रवाई की जा सके।
बताया जा रहा है कि बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर में भी आरोपी का एक आलीशान मकान है। इसके अलावा बरेली, पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर समेत कई स्थानों पर उसकी करोड़ों रुपये की संपत्तियां बताई जा रही हैं। आरोप है कि आरोपी इन संपत्तियों को धीरे-धीरे ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरके गोला के खिलाफ बरेली, बदायूं और पीलीभीत के साथ-साथ उत्तराखंड में भी निवेश के नाम पर ठगी के कई मामले दर्ज हैं। वह कुछ समय पहले सशर्त जमानत पर रिहा हुआ था, लेकिन इसके बाद भी उसने निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं की।
1.24 करोड़ की जमीन पहले ही बेच चुका आरोपी
जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद भी आरोपी ने अपनी संपत्तियां बेचनी शुरू कर दी थीं। जानकारी के अनुसार, बरेली में रामगंगा नदी के पास स्थित गांव अखा-ढखा में उसकी करीब 1.24 करोड़ रुपये की जमीन थी, जिसे उसने अगस्त 2025 में बेच दिया। आरोप है कि जमीन बेचने के बावजूद उसने निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की एक डेयरी भी इसी इलाके में संचालित होती है और वह अक्सर वहीं समय बिताता है। इसके अलावा अलीगंज क्षेत्र के गांव खजुवाई में भी उसकी करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति बताई जा रही है।
अन्य ठगी मामलों के आरोपियों पर कार्रवाई बाकी
आरके गोला के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन क्षेत्र में बड़े निवेश घोटालों से जुड़े अन्य आरोपियों पर अभी भी कार्रवाई लंबित है। इनमें कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी और अमर ज्योति कंपनी के डायरेक्टर सूर्यकांत मौर्य व उसके भाई शशिकांत मौर्य के नाम प्रमुख रूप से सामने आते हैं।
इन तीनों आरोपियों के खिलाफ बरेली, बदायूं और पीलीभीत के विभिन्न थानों में ठगी के 100 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। पुलिस ने सूर्यकांत मौर्य और शशिकांत मौर्य पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। इसके बावजूद अब तक इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
निवेश ठगी के इन मामलों ने क्षेत्र के हजारों निवेशकों को आर्थिक रूप से प्रभावित किया है। ऐसे में पीड़ितों की मांग है कि प्रशासन और पुलिस जल्द से जल्द सभी आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क कर पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने की कार्रवाई करे।






