PM आवास योजना में बड़ा खेल? 35 हजार से अधिक आवेदन संदिग्ध, अब AI करेगा सत्यापन
बरेली। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमएवाई-जी) के तहत आवास प्लस सूची-2024 में बड़ा खुलासा सामने आया है।

बरेली। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमएवाई-जी) के तहत आवास प्लस सूची-2024 में बड़ा खुलासा सामने आया है। जिले में प्राप्त 65,804 आवेदनों में से 35,670 आवेदनों को संदिग्ध (डिस्प्यूट) श्रेणी में रखा गया है। इन आवेदनों की दोबारा जांच कराई जाएगी और अंतिम पात्रता सूची की सत्यता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से भी परखी जाएगी। प्रशासन ने 30 जून तक स्थायी पात्रता सूची तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत जिले में कुल 65,804 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 40,624 आवेदनों का सर्वे अधिकृत सर्वेयरों द्वारा किया गया, जबकि 25,180 लाभार्थियों ने स्वयं सेल्फ सर्वे के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किए। भारत सरकार के चेकर लॉगिन पर प्राप्त आवेदनों में से 36,429 का सत्यापन किया गया, जिनमें 30,134 आवेदन सही और पात्र पाए गए।
हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन भी सामने आए जिनमें विभिन्न प्रकार की कमियां, तथ्यात्मक विसंगतियां अथवा पात्रता संबंधी संदेह पाए गए। ऐसे 35,670 आवेदनों को संदिग्ध श्रेणी में रखते हुए दोबारा सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है।
ग्राम सभाओं में पढ़ी जाएगी ड्राफ्ट सूची
ग्राम विकास आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में जिले की सभी ग्राम सभाओं में 18 जून तक खुली बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में आवास योजना की ड्राफ्ट पात्रता सूची सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाएगी, ताकि ग्रामीण अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकें। प्राप्त आपत्तियों का मौके पर सत्यापन कराया जाएगा और उसके बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
AI से होगी कार्यवाही की निगरानी
इस बार शासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। ग्राम सभाओं की कार्यवाही, सत्यापन रिपोर्ट और अपलोड किए गए अभिलेखों की जांच AI आधारित प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। इससे फर्जीवाड़े, गलत जानकारी और अपात्र लाभार्थियों को चिन्हित करने में मदद मिलेगी।
चयनित लाभार्थियों की भी होगी जांच
सिर्फ संदिग्ध आवेदनों की ही नहीं, बल्कि चयनित लाभार्थियों का भी विशेष सत्यापन कराया जाएगा। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र जरूरतमंदों तक ही पहुंचे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़े की संभावना समाप्त हो।
मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थायी पात्रता सूची 30 जून तक तैयार कर ली जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सत्यापन, ग्राम सभा आयोजन और रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
बड़ा सवाल
65 हजार से अधिक आवेदनों में से 35 हजार से ज्यादा का संदिग्ध श्रेणी में पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह आवेदन प्रक्रिया में हुई त्रुटियों का परिणाम है या फिर योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है? इसका जवाब अब प्रशासनिक जांच और AI आधारित सत्यापन के बाद ही सामने आ सकेगा।






