Bareilly News: नरियावल में नकली रिफाइंड ऑयल फैक्टरी पर छापा, ब्रांडेड कंपनी का लोगो चुराकर तैयार हो रहा था तेल

Bareilly News: नरियावल में नकली रिफाइंड ऑयल फैक्टरी पर छापा, ब्रांडेड कंपनी का लोगो चुराकर तैयार हो रहा था तेल
फॉर्च्यून ब्रांड की डिजाइन कॉपी कर ‘राजहंस’ नाम से हो रही थी बिक्री
एसडीएम, खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 10 लाख का माल जब्त
रिपोर्ट देवेंद्र पटेल
बरेली। जनपद के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित नरियावल में नकली रिफाइंड ऑयल के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। यहां एक फैक्टरी में नामी ब्रांड “फॉर्च्यून” का लोगो और डिजाइन चोरी कर अवैध तरीके से रिफाइंड तेल तैयार किया जा रहा था। शुक्रवार देर शाम एसडीएम सदर, खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस और कंपनी की आईटी विजिलेंस टीम ने संयुक्त छापेमारी कर करीब 10 लाख रुपये का माल जब्त किया।
छापे की भनक लगते ही फैक्टरी में मौजूद कर्मचारी मौके से फरार हो गए। देर रात तक प्रशासनिक टीम फैक्टरी परिसर में जांच और जब्ती की कार्रवाई करती रही। अधिकारियों ने साफ किया कि फैक्टरी मालिक के सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक हफ्ते से मिल रही थी शिकायतें
एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड की आईटी विजिलेंस टीम के प्रमुख तोतोन चक्रवती ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से नरियावल समेत आसपास के क्षेत्रों में कंपनी के लोगो और पैकेजिंग डिजाइन की नकल कर नकली रिफाइंड ऑयल बेचने की शिकायतें मिल रही थीं।
जांच के दौरान टीम को नरियावल स्थित “बाला जी ट्रेडर्स” फैक्टरी पर शक हुआ, जिसका संचालन विकास खंडेलवाल द्वारा किया जा रहा था। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
फैक्टरी से भारी मात्रा में नकली माल बरामद
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग और बिथरी चैनपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से फैक्टरी पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में तैयार और पैकिंग सामग्री बरामद हुई।
टीम ने 15 लीटर क्षमता वाले 240 प्लास्टिक जार भरे हुए, 50 टिन, बड़ी संख्या में नकली स्टीकर, पैकेजिंग सामग्री, खाली पाउच और पैकिंग मशीनें बरामद कीं। अधिकारियों के अनुसार जब्त माल की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
फॉर्च्यून का लोगो, दूसरे नाम से बिक्री
जांच में सामने आया कि 15 लीटर के जार और टिन पर “फॉर्च्यून” ब्रांड जैसी डिजाइन और लोगो लगाए गए थे, जबकि बाजार में इन्हें “राजहंस” नाम से बेचा जा रहा था। वहीं एक लीटर वाले पैकेट पर “फंक्शन” नाम छपा मिला।
कंपनी अधिकारियों का आरोप है कि ग्राहकों को भ्रमित कर बाजार में नकली उत्पाद उतारने की साजिश रची जा रही थी, जिससे ब्रांड की साख और उपभोक्ताओं की सेहत दोनों पर खतरा पैदा हो सकता था।
फैक्टरी मालिक नहीं पहुंचा तो होगी सीलिंग
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय राहुल सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने की प्रक्रिया फैक्टरी मालिक की मौजूदगी में की जाती है। मालिक को मौके पर बुलाया गया है। यदि वह नहीं पहुंचता है तो फैक्टरी को माल समेत सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि कंपनी की ओर से लिखित तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस और खाद्य विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हैं।






