एफआईआर और वेतन विवाद पर भड़के सफाईकर्मी, शहरभर में फैलाया कूड़ा

एफआईआर और वेतन विवाद पर भड़के सफाईकर्मी, शहरभर में फैलाया कूड़ा
कार्यबहिष्कार से ठप हुई सफाई व्यवस्था, निगम प्रशासन में मची हलचल
बरेली। नगर निगम और आउटसोर्स सफाईकर्मियों के बीच चल रहा विवाद बुधवार को सड़क पर उतर आया। वेतन कटौती और साथियों पर दर्ज एफआईआर के विरोध में सफाईकर्मियों ने शहरव्यापी कार्यबहिष्कार कर दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों से शहर के कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर कूड़ा फैलाकर विरोध जताया। इसके चलते शहर के कई इलाकों में गंदगी का अंबार लग गया और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार वाल्मीकि के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आउटसोर्स सफाईकर्मी बुधवार सुबह बाकरगंज क्षेत्र से कूड़ा संग्रहण वाहनों के साथ निकले। प्रदर्शनकारियों ने चौपला, सैटेलाइट, कटरा चांद खान, शहामतगंज, बदायूं रोड समेत कई व्यस्त क्षेत्रों में सड़कों पर कूड़ा डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। अचानक सड़कों पर फैली गंदगी और यातायात प्रभावित होने से राहगीरों व व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शासनादेश के अनुसार वेतन देने की मांग
सफाईकर्मियों का आरोप है कि शासनादेश के अनुरूप वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है और लगातार वेतन में कटौती की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
संघ के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार वाल्मीकि ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ठेकेदारों के हितों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि कर्मचारियों की जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
एफआईआर ने बढ़ाया विवाद
विवाद की शुरुआत उस घटना से हुई, जिसमें वेतन कटौती से नाराज एक सफाईकर्मी शिकायत लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पास पहुंचा था। आरोप है कि इस दौरान कर्मचारी ने अधिकारी पर चूड़ियां फेंकी और अभद्र व्यवहार किया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की तहरीर पर सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार वाल्मीकि समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद सफाईकर्मियों में आक्रोश और बढ़ गया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने भी अपनी ओर से पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसी के विरोध में उन्होंने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
समाधान तक जारी रहेगा आंदोलन
सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली जाती और वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक कार्यबहिष्कार जारी रहेगा। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि नगर निगम प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
निगम प्रशासन की बढ़ी चिंता
सफाईकर्मियों के कार्यबहिष्कार और शहरभर में फैले कूड़े ने नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बरसात के मौसम में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। फिलहाल नगर निगम और सफाईकर्मी संघ के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है और शहरवासी इस विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।






