संसद में गूंजा जंतर-मंतर लाठीचार्ज का मुद्दा, खरगे बोले- छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं

संसद में गूंजा जंतर-मंतर लाठीचार्ज का मुद्दा, खरगे बोले- छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं
NEET, पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला, संसद में उठी निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस विषय को उठाते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।
खरगे ने सदन में कहा कि NEET परीक्षा, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से देश के करोड़ों युवाओं में निराशा है। ऐसे में जब छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन पर बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को सुनने के बजाय उन पर पुलिस कार्रवाई करना चिंताजनक है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही पेपर लीक जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।
संसद में विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती गई, जबकि उनकी मांगें शिक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष परीक्षाओं से जुड़ी थीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
वहीं, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए कहा गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी कार्रवाई का उद्देश्य केवल शांति व्यवस्था बनाए रखना था। सरकार ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
संसद के पहले ही दिन इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के दौरान NEET, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में आगे भी व्यापक चर्चा और राजनीतिक बहस जारी रह सकती है।






