योगी सरकार में राशन पर ‘डाका’? कार्डधारकों ने लगाए घटतौली के गंभीर आरोप

कार्डधारकों का आरोप, दो किलो तक कम मिल रहा राशन
पहारपुर बसावन नगरिया के ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत, कोटेदार पर अभद्रता और घटतौली के आरोप
गेहूं की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल, जांच कर उचित कार्रवाई की मांग
बरेली। बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पहारपुर बसावन नगरिया में सरकारी राशन वितरण को लेकर कार्डधारकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। दुकान पर तौल के दौरान एक किलो कम राशन दिए जाने की बात सामने आती है, जबकि बाहर दोबारा तौल कराने पर करीब दो किलो तक राशन कम निकलता है। कार्डधारकों ने गेहूं की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए एसडीएम सदर कार्यालय में शिकायती पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत में उचित दर की दुकान नीलम देवी के नाम से संचालित है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान का संचालन उनके पति विजय बहादुर करते हैं। राशन लेने पहुंचने वाले कार्डधारकों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इलेक्ट्रॉनिक कांटे में हेराफेरी का जताया संदेह
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण के समय प्रत्येक कार्डधारक को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिया जाता है। शिकायत में कहा गया है कि दुकान से मिला राशन बाहर तौलने पर करीब दो किलो तक कम पाया गया। इससे ग्रामीणों ने राशन तौलने वाले कांटे में हेराफेरी की आशंका जताई है।
कार्डधारकों ने राशन में मिलने वाले गेहूं की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि उन्हें खराब गुणवत्ता का खाद्यान्न दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्टॉक, वितरण रजिस्टर, ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक कांटे की जांच कराएं।
‘जहां शिकायत करनी है करो’, कहने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि घटतौली का विरोध करने पर उनसे अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि कोटा संचालक शिकायत करने वालों से कहता है कि वे जहां चाहें शिकायत कर सकते हैं और उसके उच्च अधिकारियों से संबंध हैं। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शिकायती पत्र पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाकर कार्रवाई की मांग की है।
विधायक से भी की गई शिकायत
मामला क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के संज्ञान में भी पहुंचने की बात कही गई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्रीय विधायक ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और आम लोगों के राशन में घटतौली करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आपूर्ति विभाग की कार्रवाई पर टिकी निगाह
सरकार की ओर से पात्र कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। ऐसे में ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर हो सकता है। कार्डधारकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उचित दर की दुकान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन और आपूर्ति विभाग की जांच पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि राशन वितरण में वास्तव में घटतौली या खाद्यान्न की गुणवत्ता में गड़बड़ी हुई है या नहीं।
हाईलाइट्स
– कार्डधारकों ने राशन में दो किलो तक घटतौली का लगाया आरोप।
– गेहूं की गुणवत्ता खराब होने की भी शिकायत।
– इलेक्ट्रॉनिक कांटे में हेराफेरी की आशंका जताई।
– एसडीएम सदर कार्यालय में दिया गया सामूहिक शिकायती पत्र।
– कोटा संचालक पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप।
– ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।




