Bareilly बरेली में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

बरेली मे 35 से 40 हजार रुपये लेकर अपात्र लोगों के फर्जी कार्ड बनाने का आरोप, 13 आयुष्मान कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल | बरेली | लाइव भारत टीवी उत्तर प्रदेश
बरेली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह का भोजीपुरा थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 कथित फर्जी आयुष्मान कार्ड, छह आधार कार्ड, राशन कार्ड की 22 छायाप्रतियां, सात मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक गिरोह अपात्र लोगों से हजारों रुपये लेकर दस्तावेजों में हेरफेर कर आयुष्मान कार्ड तैयार करता था।
एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नवाबगंज निवासी हरप्रसाद की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। शिकायत के मुताबिक हरप्रसाद ने अपनी बेटी के इलाज के लिए आरोपियों से आयुष्मान कार्ड बनवाया था। इसके एवज में उनसे कथित तौर पर 47 हजार रुपये लिए गए। बेटी को इलाज के लिए ऋषिकेश स्थित एम्स ले जाने पर कार्ड की जांच हुई, जहां उसके फर्जी होने की बात सामने आई।
आधार और राशन कार्ड में छेड़छाड़ का आरोप
पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आधार और राशन कार्ड से संबंधित विवरणों में कथित रूप से हेरफेर कर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार करते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह अपात्र लोगों से सामान्यतः 35 से 40 हजार रुपये तक वसूलता था। इन कार्डों के जरिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज और सरकारी भुगतान का लाभ लेने का प्रयास किया जाता था।
पुलिस ने मामले को संगठित तरीके से की जा रही आपराधिक गतिविधि मानते हुए मुकदमे में बीएनएस की धारा 111 भी बढ़ाई है। इसके अलावा धोखाधड़ी और कूटरचना समेत अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
मेडिकल कॉलेज के पीछे से पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह भोजीपुरा मेडिकल कॉलेज के पीछे से आबिद, सलमान, अरमान, अफरोज और देशरत्न को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, 13 कथित फर्जी आयुष्मान कार्ड, छह आधार कार्ड, राशन कार्ड की 22 छायाप्रतियां और 2700 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस का कहना है कि आरोपी मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर आधार, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को अंजाम देते थे। गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




