भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राजेश अग्रवाल पदमुक्त, रेखा वर्मा का कद बरकरार

छह बार विधायक और पूर्व वित्त मंत्री रहे राजेश अग्रवाल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद से हटाया, रेखा वर्मा लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष; सियासी समीकरणों पर चर्चा तेज
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल | बरेली | लाइव भारत टीवी उत्तर प्रदेश
बरेली। भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के साथ ही रुहेलखंड की राजनीति में नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बरेली के दिग्गज भाजपा नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। वहीं, धौरहरा की पूर्व सांसद रेखा वर्मा को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने उनका संगठनात्मक कद बरकरार रखा है।
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में राजेश अग्रवाल को स्थान नहीं मिलने के बाद बरेली के राजनीतिक हलकों में अब इस बात की चर्चा है कि पार्टी उन्हें आगे कोई नई भूमिका या जिम्मेदारी सौंपती है या नहीं। फिलहाल पार्टी की ओर से उनकी अगली जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
छह बार विधायक रहे राजेश अग्रवाल, संभाल चुके हैं वित्त मंत्रालय
राजेश अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह बरेली से छह बार विधायक रहने के साथ उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया था।
नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को अतिरिक्त रूप से दिए जाने की बात सामने आई है। राजेश अग्रवाल कुछ दिनों में 83 वर्ष के होने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक हलकों में उनकी बढ़ती उम्र को जिम्मेदारी में बदलाव की एक संभावित वजह माना जा रहा है।
राजेश अग्रवाल के बेटे मनीष अग्रवाल का कहना है कि पार्टी ने उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं और संगठन नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि है।
संजीव अग्रवाल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?
राजेश अग्रवाल के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद से हटने के बाद बरेली भाजपा की राजनीति में एक और चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। सियासी गलियारों में संभावना जताई जा रही है कि कैंट विधायक संजीव अग्रवाल को प्रदेश संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
संजीव अग्रवाल वर्तमान में प्रदेश भाजपा में सहकोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रदेश भाजपा की नई टीम में कोषाध्यक्ष पद को लेकर निर्णय होना बाकी है। ऐसे में उनके नाम को लेकर चर्चाएं हैं, हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
रेखा वर्मा लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
दूसरी ओर, धौरहरा की पूर्व सांसद रेखा वर्मा को लगातार दूसरी बार भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए रखा गया है। उनके दोबारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने को संगठन में उनके राजनीतिक महत्व के साथ आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
रेखा वर्मा कुर्मी समाज से आती हैं। राजनीतिक जानकार उनके पद पर बने रहने को पिछड़ा वर्ग के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। रुहेलखंड और आसपास के क्षेत्रों में कुर्मी मतदाताओं की कई सीटों पर महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
PDA की रणनीति के मुकाबले सामाजिक समीकरणों पर भाजपा की नजर
समाजवादी पार्टी लगातार अपने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूले को राजनीतिक तौर पर आगे बढ़ा रही है। ऐसे में भाजपा भी पिछड़े वर्ग समेत अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपना संगठनात्मक प्रतिनिधित्व मजबूत करने पर जोर देती दिखाई दे रही है।
रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए रखने को इसी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष के रूप में लोध समाज से जुड़े पूरनलाल लोधी को जिम्मेदारी दिए जाने को भी सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा गया था।
रुहेलखंड की राजनीति पर रहेंगी निगाहें
नई राष्ट्रीय टीम के बाद अब सबसे ज्यादा निगाह इस बात पर है कि भाजपा उत्तर प्रदेश की नई संगठनात्मक टीम में रुहेलखंड और बरेली को कितना प्रतिनिधित्व देती है। खासकर राजेश अग्रवाल की अगली भूमिका और संजीव अग्रवाल को संभावित नई जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं।
एक तरफ अनुभवी नेता राजेश अग्रवाल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त हुए हैं, तो दूसरी तरफ रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए रखकर भाजपा ने रुहेलखंड से सटे क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व को महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की है।






