बरेली में 100 करोड़ से अधिक का GST फर्जीवाड़ा, नेपाल तक फैला नेटवर्क

फर्जी फर्मों के जरिए बोगस ITC क्लेम करने का आरोप, सिंडिकेट के पांच आरोपी गिरफ्तार; छह अन्य की तलाश
बरेली। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का कथित खेल करने वाले बड़े सिंडिकेट का बरेली पुलिस की एसआईटी ने खुलासा किया है। जांच में फर्जी बिलिंग और वित्तीय लेनदेन के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी फर्जीवाड़े की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क बरेली से नेपाल तक फैला हुआ था।
सरगना समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में सागर अग्रवाल, फरजान हाशमी, विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल और शिवम गुप्ता उर्फ लाला शामिल हैं। एसपी क्राइम मनीष सोनकर के अनुसार एसआईटी की जांच में इस सिंडिकेट से जुड़ी कई फर्मों के नाम सामने आए हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
नेपाल से नेटवर्क चलाने का आरोप
जांच में सामने आया कि मुख्य ऑपरेटर फरजान हाशमी जीएसटी अधिकारियों की कार्रवाई के बाद नेपाल चला गया था। आरोप है कि वहां वह दूसरे नाम से रहकर एक ऐप के माध्यम से अपने साथियों के संपर्क में था। फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए फर्में तैयार करने तथा बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के बिल काटकर ITC क्लेम करने का आरोप है।
हवाला के जरिए रकम ठिकाने लगाने का आरोप
पुलिस जांच में फर्जी बिलिंग से निकली रकम को विभिन्न खातों में घुमाने और फिर हवाला के जरिए संबंधित लोगों तक पहुंचाने की बात भी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों से लैपटॉप और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
कई फर्में जांच के दायरे में
एसआईटी की जांच में कई फर्मों की भूमिका सामने आई है। पुलिस अब लाभार्थी और संदिग्ध फर्मों से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में पहले भी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पूरे नेटवर्क की आर्थिक कड़ियां खंगाली जा रही हैं। इससे पहले जुलाई में बरेली में एक अलग जांच में करीब 118 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े का मामला भी सामने आया था, जिसमें योगेंद्र शर्मा और टिंपू को गिरफ्तार किया गया था।





