शाहजहांपुर में पुलिस दबिश के बाद सर्राफा कारोबारी की मौत, छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा।
यूपी में पुलिस

पत्नी की तहरीर पर मलीहाबाद थाने के चार और निगोही के दो पुलिसकर्मी नामजद; छत से नीचे फेंकने, अवैध वसूली और जेवर ले जाने का आरोप
शाहजहांपुर। निगोही थाना क्षेत्र में पुलिस दबिश के बाद 65 वर्षीय उमेश गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक की पत्नी की तहरीर पर छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें लखनऊ के मलीहाबाद थाने में तैनात चार और शाहजहांपुर के निगोही थाने के दो पुलिसकर्मी शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) देवेंद्र कुमार के मुताबिक, उमेश गुप्ता चोरी के एक मामले में आरोपी थे। उनके खिलाफ अदालत से वारंट जारी होने के बाद मलीहाबाद पुलिस स्थानीय निगोही पुलिस के सहयोग से बुधवार तड़के उनके घर दबिश देने पहुंची थी।
पत्नी का आरोप—छत पर ले जाकर नीचे फेंका
मृतक की पत्नी ने पुलिसकर्मियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दबिश के दौरान पुलिसकर्मी घर में दाखिल हुए और उनके पति उमेश गुप्ता को पकड़कर छत पर ले गए। आरोप है कि वहां से उन्हें नीचे फेंक दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
महिला ने पुलिसकर्मियों पर पहले से उनके पति को परेशान करने और कथित तौर पर अवैध धन उगाही करने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उमेश ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, जिसके चलते कुछ पुलिसकर्मी उनसे रंजिश रखने लगे थे। पत्नी ने घर से जेवर ले जाने का आरोप भी लगाया है। ये सभी आरोप जांच के दायरे में हैं।
सुबह निर्माणाधीन मकान में मिला शव
पुलिस के अनुसार, मलीहाबाद पुलिस की टीम तड़के करीब तीन बजे उमेश गुप्ता के घर पहुंची थी। टीम ने घर में उनकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद सुबह करीब सात बजे पड़ोस के एक निर्माणाधीन मकान में उमेश का शव मिलने की सूचना मिली।
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए और हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पत्नी की तहरीर के आधार पर छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
30 किलो चांदी से जुड़ा बताया जा रहा चोरी का मामला
मलीहाबाद थाना प्रभारी सुरेंद्र भाटी के अनुसार, वर्ष 2025 में थाने में चोरी का एक मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कथित रूप से जानकारी मिली थी कि चोरी की करीब 30 किलो चांदी शाहजहांपुर के सर्राफा कारोबारी उमेश गुप्ता के यहां बेची गई थी।
इसी मामले में पुलिस ने अदालत से 8 मई को वारंट प्राप्त किया था और उसकी तामील के लिए मलीहाबाद पुलिस की टीम निगोही पहुंची थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
उमेश गुप्ता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका महत्वपूर्ण आधार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्य होंगे। एक ओर मृतक की पत्नी ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस पक्ष का कहना है कि दबिश के दौरान उमेश घर में नहीं मिले थे।
छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच जारी है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से घटना की परिस्थितियां और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
प्रमुख बिंदु
– पुलिस दबिश के बाद 65 वर्षीय उमेश गुप्ता की मौत
– छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा
– मलीहाबाद थाने के चार और निगोही थाने के दो पुलिसकर्मी आरोपी
– पत्नी ने छत से नीचे फेंककर हत्या करने का लगाया आरोप
– पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली और जेवर ले जाने का भी आरोप
– वर्ष 2025 के चोरी के मुकदमे में उमेश के खिलाफ था वारंट
– चोरी की कथित 30 किलो चांदी खरीदने का आरोप
– पड़ोस के निर्माणाधीन मकान में मिला शव
– पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से स्पष्ट होंगी मौत की परिस्थितियां






