कोर्ट के आदेश पर अमर ज्योति कारपोरेशन के संचालकों पर एफआईआर

बरेली। दोगुना मुनाफा दिलाने का सपना दिखाकर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपये हड़पने के आरोपों में घिरी बीजेपी के पूर्व महानगर मंत्री शशिकांत मौर्य से जुड़ी अमर ज्योति कारपोरेशन लिमिटेड एक बार फिर विवादों में आ गई है।
थाना बारादरी क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद कंपनी संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
15 से 20 फीसदी मासिक ब्याज का लालच
कटरा चांदखां पुराना शहर निवासी शीला पत्नी विजय ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के ही पप्पू मौर्य परिवार द्वारा संचालित अमर ज्योति कारपोरेशन में एफडी पर 15 से 20 प्रतिशत मासिक ब्याज देने का झांसा देकर उनसे और अन्य लोगों से अलग-अलग तिथियों में लाखों रुपये जमा करवा लिए गए। महिला का कहना है कि कंपनी के डायरेक्टर सूर्यकांत मौर्य सहित अन्य परिजनों ने भरोसे में लेकर एफडी और मासिक किस्तों के रूप में रकम जमा कराई।
रुपये मांगे तो मिली जान से मारने की धमकी
आरोप है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगी तो कंपनी संचालकों ने टालमटोल शुरू कर दी। ज्यादा दबाव बनाने पर कथित तौर पर उसे जान से मारने और ठिकाने लगाने की धमकी दी गई। यह तक कह दिया गया कि “जिसे जो करना है कर लो, पैसा नहीं मिलेगा।”
थाने से अफसरों तक भटकी फरियादी
पीड़िता शीला का कहना है कि उसने कई बार थाना बारादरी, पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित अफसरों के चक्कर लगाए।
रजिस्टर्ड डाक से भी शिकायत भेजी, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। हर स्तर से निराश होकर अंततः महिला ने न्यायालय की शरण ली।
कोर्ट के आदेश पर पांच नामजद
कोर्ट के आदेश के बाद थाना बारादरी पुलिस ने सूर्यकांत मौर्य, पप्पू मौर्य, अमन मौर्य,,नीता पत्नी पप्पू मौर्य सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुराना आपराधिक इतिहास भी आया सामने
बताया जा रहा है कि यह अमर ज्योति कारपोरेशन के खिलाफ पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कंपनी पर थाना बारादरी, कोतवाली और बदायूं में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। बदायूं में भी इसी तरह लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक रसूख के चलते लंबे समय तक कार्रवाई टलती रही। हालांकि, कोतवाली पुलिस पूर्व में इस मामले में शशिकांत मौर्य के भांजे अरुण मौर्य (निवासी बाग ब्रगटान) को जेल भेज चुकी है।
अब फिर जांच के घेरे में अमर ज्योति
एक के बाद एक दर्ज हो रहे मामलों से अमर ज्योति कारपोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






