बरेली में ट्रांसफार्मर के पास करंट उतरने से गोवंश की मौत का आरोप, बिजली विभाग पर लापरवाही के गंभीर सवाल

बरेली। थाना इज्जतनगर क्षेत्र के गांव मुड़िया अहमदनगर में ट्रांसफार्मर के आसपास कथित तौर पर जमीन में करंट उतरने से एक गोवंश की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पीड़ित राम जी यादव का आरोप है कि ट्रांसफार्मर के आसपास जमीन में करंट फैलने के कारण उनकी गाय उसकी चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। उनका दावा है कि यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि पिछले कई दिनों से ट्रांसफार्मर के आसपास करंट के झटके महसूस किए जा रहे थे।
जेई और लाइनमैन को पहले ही दी थी सूचना—ग्रामीण
राम जी यादव के मुताबिक ट्रांसफार्मर के आसपास करंट आने की समस्या की जानकारी क्षेत्रीय जेई और लाइनमैन को पहले ही दी गई थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। अब गोवंश की मौत के बाद ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि यदि समय रहते विद्युत उपकरणों और अर्थिंग की जांच कर खामी दूर कर दी जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के आसपास से प्रतिदिन लोगों और पशुओं का आवागमन होता है। ऐसे में जमीन या आसपास के लोहे के उपकरणों में करंट उतरना गंभीर खतरा बन सकता है। घटना के बाद लोगों ने विद्युत विभाग से मौके की तकनीकी जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
सावन में भी सामने आया था बिजली से जुड़ा खतरा
मुड़िया अहमदनगर क्षेत्र में बिजली सुरक्षा को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार सावन के दौरान क्षेत्र में बिजली लाइन से जुड़ी खतरनाक स्थिति सामने आई थी और शिवभक्त करंट की चपेट में आने से बाल-बाल बचे थे। उस समय भी बिजली व्यवस्था को सुरक्षित करने की मांग उठाई गई थी।
अब गोवंश की मौत के बाद पुराने मामले को लेकर भी ग्रामीणों में चर्चा है। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों और खतरे के संकेतों के बावजूद यदि विद्युत सुरक्षा संबंधी कमियां बनी हुई हैं तो विभाग को इसकी गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर, अर्थिंग, बिजली के तारों और आसपास की जमीन की विशेषज्ञ टीम से जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई है कि वास्तव में करंट कहां से और किन परिस्थितियों में जमीन तक पहुंचा।
पीड़ित परिवार ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और हुए नुकसान को लेकर नियमानुसार सहायता की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए, ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति या अन्य पशु के साथ बड़ा हादसा न हो।
फिलहाल गोवंश की मौत के कारण को लेकर पीड़ित पक्ष ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले में बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
नोट: गोवंश की मौत का कारण करंट होना और विभागीय लापरवाही संबंधी बातें पीड़ित एवं ग्रामीण पक्ष के आरोप/दावे हैं। आधिकारिक तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी।






