किसानों की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरी भाकियू, आंदोलन की दी चेतावनी।

बरेली में किसानों का प्रदर्शन: शिकायतों पर कार्रवाई न होने से भड़की भाकियू, जलभराव और आवारा पशुओं का मुद्दा उठाया
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन, शिकायतों की मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय करने की मांग; समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बरेली। किसानों की लंबित समस्याओं और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रदर्शन किया। जिला प्रवक्ता मोहम्मद इकबाल एडवोकेट के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की।
भाकियू पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि किसानों और आम लोगों की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंचने के बाद संबंधित विभागों को भेज तो दी जाती हैं, लेकिन निचले स्तर पर कई प्रकरण लंबे समय तक लंबित पड़े रहते हैं। शिकायतकर्ता को यह तक जानकारी नहीं मिल पाती कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई और मामला किस अधिकारी या कर्मचारी के पास लंबित है।
शिकायतों पर तय हो जिम्मेदारी, मिले कार्रवाई की जानकारी
किसान नेताओं ने मांग की कि प्रत्येक शिकायत पर स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी तय की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायत किस अधिकारी या कर्मचारी को भेजी गई है और उस पर कार्रवाई की समय सीमा क्या है।
भाकियू ने अधिकारियों की कार्यालयों में समय से मौजूदगी सुनिश्चित करने और लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण कई शिकायतें महीनों तक लंबित रहती हैं और पीड़ितों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
बारिश के बाद जलभराव पर भी घेरा नगर निगम
हाल की तेज बारिश के बाद शहर में बने जलभराव के हालात को लेकर भी किसान नेताओं ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर नालों की सफाई पूरी तरह नहीं हुई, जबकि नालों और सड़क किनारे जमा कूड़ा तथा अतिक्रमण के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाया।
भाकियू ने मांग की कि नगर निगम जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा कर संवेदनशील इलाकों में तत्काल सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करे।
सड़क किनारे वाहन और ठेलों से जाम की समस्या
ज्ञापन में शहर की यातायात व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। किसान नेताओं ने कहा कि कई प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े किए जाते हैं, जबकि ठेले और अस्थायी अतिक्रमण भी यातायात बाधित करते हैं। इससे जाम की स्थिति बनती है और आम लोगों को परेशानी होती है।
आवारा पशुओं से फसलें बर्बाद, कार्रवाई की मांग
किसानों ने आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान को गंभीर समस्या बताया। उनका कहना है कि खुले में घूमने वाले पशु रात के समय खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर देते हैं।
भाकियू ने पशुओं को खुला छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने और आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की मांग की। इसके साथ ही वनरोज और जंगली सुअरों से फसलों को बचाने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग उठाई गई।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि किसानों और आम जनता से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो संगठन आगे आंदोलन तेज करेगा। किसान नेताओं ने प्रशासन से शिकायतों की नियमित समीक्षा, जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता तक पहुंचाने की ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की।





