No Slide Found In Slider.
Breaking News

बरेली में मानसूनी सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज, मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से पूर्वी यूपी में भी बढ़ सकती है वर्षा की तीव्रता।

No Slide Found In Slider.

यूपी में बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, बरेली में 381.1 मिमी तो शाहजहांपुर में 227 मिमी वर्षा।

लखनऊ/बरेली। उत्तर प्रदेश में मानसून ने इस बार कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बने मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में बरेली में 381.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिसे मानसूनी सीजन के दौरान अब तक की सर्वाधिक बारिश बताया जा रहा है।

शाहजहांपुर में भी बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। यहां वेधशाला में 227 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह भी क्षेत्र में दर्ज अब तक की सर्वाधिक बारिश में शामिल है।

प्रदेश में औसत से ऊपर पहुंची बारिश

अमौसी स्थित उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड मौसम मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार 7 सितंबर तक पूरे प्रदेश में कुल 641 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य औसत 645 मिलीमीटर के आसपास है और प्रदेश में कुल वर्षा लगभग सामान्य से एक प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।

सक्रिय मौसम तंत्र बढ़ा रहा बारिश की तीव्रता

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ते हुए प्रदेश के मध्यवर्ती हिस्सों की तरफ आगे बढ़ रहा है।

इसके साथ ही मानसूनी ट्रफ श्रीगंगानगर, नारनौल, निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, सीधी, डाल्टनगंज और बांकुड़ा होते हुए आगे बढ़ रही है। मौसम तंत्र में हो रहे बदलाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में नमी और मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।

प्रयागराज में भी टूटा पुराना रिकॉर्ड

इस मानसून सीजन में सिर्फ बरेली और शाहजहांपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई शहरों में वर्षा के पुराने रिकॉर्ड टूटे हैं। अगस्त में प्रयागराज में कुल 631.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार यह अगस्त महीने में हुई अत्यधिक बारिश के पुराने रिकॉर्ड से अधिक है।

प्रयागराज में 19 अगस्त को 24 घंटे के भीतर 120 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। वहीं अगस्त महीने में बांदा में 646 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल रही।

प्रशासन की बढ़ी सतर्कता

लगातार हो रही भारी बारिश से नदियों के जलस्तर, निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रहने तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए 

No Slide Found In Slider.

Live bharat TV

Related Articles

Back to top button