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बरेली : वक़्फ़ संशोधन बिल मुसलमानों के हित में है, किसी भी मुसलमान को इससे घबरानें ,डरने की जरूरत नहीं

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बरेली
सुमित श्रीवास्तव

आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने आज एक अयोजित प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल से आम मुसलमानो का कोई नुकसान नहीं है बल्कि फायदा होगा। चंद राजनीतिक लीडर मुसलमानों को गुमराह करने में लगे हैं कि मस्जिदे और मदरसे छीन लिए जाएंगे, जबकि इस कानून में ऐसा कुछ भी नहीं है, इस तरह की बातें मुसलमानो को भ्रमित करने वाली और उकसाने और भड़काने वाली है।

मौलाना बरेलवी ने तमाम मुसलमानो से अपील करते हुए कहा है कि वक्फ कानून से घबराने और डरने की जरुरत नहीं है, और न ही कोई उग्र धरना प्रदर्शन करने की आवश्यकता है। धरना प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, मगर राजनीति लोग मुसलमानो के जज्बात को भड़का कर अपने राजनीतिक लक्ष्य हासिल करते हैं। हमारा तजुर्बा बताता है और हमने खुद भी CAA के प्रकरण में देखा भी है, कि राजनीतिक लोगों के बहकावे में मुसलमान सड़कों पर उतरे, जगह जगह धरना प्रदर्शन किए और उसकी स्थिति चंद घंटों में उग्र हो गई। फिर नतीजे के तौर पर सिर्फ उत्तर प्रदेश में 27 नौजवानो की जाने गई, और सैकड़ों नौजवान जेल की सलाखों में चलें गए, जिन में कुछ की जमानतें हुई , और अभी भी बहुत सारे नौजवान जेलों में बंद हैं, अब उनका कोई पुरसाने हाल नहीं है। इसलिए मैं तमाम मुसलमानो से उनके हितों का ध्यान रखते हुए अपील कर रहा हूं, कि रोडो पर उतरकर धरना प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं है, हां अगर कहीं जरूरत पेश आए तो जम्हूरी अंदाज में अमन व शांति के साथ अपनी बात रखें।

मौलाना ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल गरीब व कमजोर मुसलमानो के हितो के लिए है, वक्फ जमीन से होने वाली आमदनी गरीब मुसलमानो कि समाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में लगायी जायेगी। वो परिवार जो गरीब है और अपने बच्चों को गुरबत की वजह से अच्छे स्कूलों में नहीं पढा पा रहे हैं, ऐसे बच्चों की आर्थिक मदद करके पढ़ाई लिखाई मे आगे बढ़ाया जायेगा। यतीम बच्चो और बेवा महिलाओं की तरक्की के लिए काम होंगे। इससे होने वाली आमदनी वाकिफ की मंशा के मुताबिक खर्च की जायेगी। स्कूल, कालेज, मदरसे, हास्पिटल और यतीमखाने खोले जायेंगे। जिससे गरीब मुसलमानो का शिक्षा के मैदान में पिछड़ा पन दूर होगा।

मौलाना बरेलवी ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से धार्मिक स्थलों को कोई खतरा नही है। मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, कब्रिस्तानो, दरगाहों को कोई खतरा नही है। इन धार्मिक स्थलों की स्थिति जैसी है वैसी ही रहेगी। इन धार्मिक स्थलों में हुकूमत कोई भी हस्तक्षेप नही कर सकती। मुसलमानो को कुछ राजनीतिक लोग अपने स्वार्थो का लाभ लेने के लिए गुमराह कर रहे हैं, मैं मुसलमानो से अपील करता हूं इन राजनीतिक लोगों के बहकावे और उकसावे में न आये।

मौलाना ने आगे कहा कि गत वर्षों 2019 व 2020 में जब CAA कानून आने वाला था तब राजनीति लोगो ने मुसलमानो को खूब गुमराह किया, और देश भर में विरोध प्रदर्शन हुआ और शाहीन बाग़ में महीनों धरना चलता रहा, यहां तक डराया कि आगर CAA कानून लागू हो गया तो मुसलमानो की नागरिकता छीन ली जायेगी, जबकि हकीकत मे ऐसा कुछ भी नही था, और CAA कानून लागू होने के बाद तमाम चीजें स्पष्ट हो गयी कि पूरे भारत मे किसी भी एक मुसलमान की नागरिकता नही छीनी गयी, बल्कि नागरिकता प्रदान की गयी है। बिल्कुल ऐसा ही वक्फ संशोधन बिल का है, इससे आम मुसलमानो को फायदा पहुंचेगा, और कोई भी नुकसान नहीं हैं। प्रेस कांफ्रेंस में मौलाना अनीसुर रहमान, मौलाना मुजाहिद हुसैन, रोमान अंसारी, अस्लम खां, काशीफल अली, फूल मियां, आदि लोग उपस्थित रहे।

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devendra

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