नए साल में पुलिस ढांचे का बड़ा विस्तार, नौ नई चौकियां और एक नया थाना

बरेली। नए साल की शुरुआत के साथ ही बरेली पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में एक नया पुलिस थाना और नौ नई पुलिस चौकियों के निर्माण को शासन की मंजूरी मिल गई है। एसएसपी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगा दी है, जिसके बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।
ग्रेटर बरेली बनेगा नया थाना
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि थाना बिथरीचैनपुर क्षेत्र में नया “ग्रेटर बरेली थाना” बनाया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में पुलिस की पकड़ मजबूत करने के लिए नौ नई पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी।
इन क्षेत्रों में बनेंगी नई पुलिस चौकियां
प्रस्तावित पुलिस चौकियों में शामिल हैं, थाना मीरगंज: कपूरपुर, गौरा लोकनाथपुर, लभारी, थाना शाही: हल्दी कला, थाना शेरगढ़: कुडका नगरिया, थाना फतेहगंज पूर्वी: चठिया, थाना सिरौली: शिवपुर, थाना इज्जतनगर: चावड़
इन चौकियों के बनने से दूरस्थ इलाकों में पुलिस की त्वरित मौजूदगी सुनिश्चित होगी।
पुलिस सख्ती का असर, अपराधों में 40% तक कमी
जिले में बीते वर्ष पुलिस की सघन कार्रवाई का असर साफ दिखाई दिया है। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
अपराध के आंकड़े खुद बयां कर रहे हैं सख्ती
हत्या: 2024 में 112 → 2025 में 72
लूट/छिनैती: 2024 में 172 → 2025 में 89
चोरी: 2024 में 257 → 2025 में 178
वाहन चोरी: 2024 में 799 → 2025 में 580
हत्या का प्रयास: 2024 में 135 → 2025 में 95
गैंगस्टर और स्मैक तस्करों पर 67% ज्यादा कार्रवाई
पुलिस ने संगठित अपराध और नशे के कारोबार पर भी कड़ा प्रहार किया है।
मादक पदार्थ तस्कर: 2024 में 165, 2025 में 276
गैंगस्टर एक्ट: 2024 में 12, 2025 में 24, इतना ही नहीं, अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त कर उन्हें आर्थिक रूप से भी कमजोर किया गया।
एसएसपी का दावा, अपराधियों की टूटी कमर
एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि लगातार की गई कार्रवाई से अपराधियों की कमर पूरी तरह टूट चुकी है। दंगा, हत्या और संगठित अपराध में शामिल लोगों पर सख्ती के साथ कानून का शिकंजा कसा गया है। आने वाले समय में नए थाना और चौकियों के निर्माण से जिले में अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।






