हरदुआ में पेयजल संकट, दूषित पानी से ग्रामीणों की सेहत खतरे में

बरेली। तहसील क्षेत्र के हरदुआ गांव में शुद्ध पेयजल की जगह ज़हरीला पानी ग्रामीणों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। गांव के घरों में लगे निजी हैंडपंपों के साथ-साथ सरकारी हैंडपंपों से भी पीले रंग का दूषित पानी निकल रहा है, जिससे ग्रामीणों में पेट संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
गांव निवासी पुष्पेन्द्र गंगवार, धर्मवीर, सचिन, नरेश गंगवार, कालीचरन और कृष्णपाल का कहना है कि लंबे समय से यही पानी पीने को मजबूर हैं। हालत यह है कि गांव में पेट दर्द, उल्टी-दस्त और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
दवा से राहत, लेकिन बीमारी लौट आती है
ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टरों के पास जाने पर भी पानी की गुणवत्ता खराब होने की बात कही जाती है। चिकित्सक पानी उबालकर पीने की सलाह देते हैं। दवा खाने से कुछ दिन राहत मिलती है, लेकिन दूषित पानी पीते ही बीमारी दोबारा लौट आती है।
जल जीवन मिशन अधूरा, सड़कें भी बदहाल
शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन यह योजना अब तक अधर में लटकी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदार ने गांव की सड़कों को खोद डाला, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद न तो पाइपलाइन का काम पूरा हुआ और न ही सड़कें ठीक की गईं।
ग्रामीणों की प्रशासन से मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि, दूषित पानी की तत्काल जांच कराई जाए, जल जीवन मिशन की अधूरी योजना को शीघ्र पूरा कराया जाए, खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि गांव को राहत मिल सके






