पूर्ण परमात्मा जन्म मरण से परे है,परमात्मा न जन्मता है न मरता

बरेली। जिला बरेली में परम संत रामपाल जी महाराज जी का सत्संग सम्पन्न हुआ। सभी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक सत्संग सुना। जिसमें संत जी ने बताया परमात्मा न जन्मता है न मरता है।
संत रामपाल जी महाराज ने कबीर जी के जन्म के विषय में फैली भ्रांतियां को समाप्त करते हुए सूक्ष्मवेद से स्पष्ट किया है कि कबीर जी का जन्म नहीं हुआ। संत जी ने प्रमाण सहित बताया है कि कबीर साहेब का जन्म नहीं हुआ था बल्कि वे सतलोक से आकर शिशु रूप में विक्रम संवत् 1455 (सन् 1398) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए थे।
ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3 व मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 में स्पष्ट है कि परमात्मा माता के गर्भ से जन्म नहीं लेता। कबीर साहेब ही वह प्रभु हैं जिसका प्रमाण कबीर सागर, बोधसागर खंड, अध्याय – अगम निगम बोध, पृष्ठ 34, 41 में है।
इसी के साथ संत जी ने कबीर सागर से प्रमाण देकर ये सिद्ध किया कि कबीर सागर (बोधसागर खंड), अध्याय – अगम निगम बोध, पृष्ठ 34 पर स्वामी रामानंद को कबीर साहेब ने बताया है:”पांच तत्त्व की देह ना मेरी, ना कोई माता जाया।जीव उदारन तुम को तारन, सीधा जग में आया।।” कुरान शरीफ में _सूरत फुरकानि-25 (कुरआन शरीफ से हिंदी) आयत नं. 52 से 59 संत रामपाल जी महाराज पवित्र बाइबिल के उत्पत्ति ग्रंथ 1:26, 27 का भी प्रमाण देते हैं।
इसी के साथ संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा समाज सुधार में कई मुहिम चलाई जा रहे हैं जिसके तहत अन्नपूर्णामुहिम वर्तमान में जोर-शोर से चल रही हैं।इसी मुहिम की वजह से “अब गरीब परिवारों को मिलेगा रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान! क्योंकि संत रामपाल जी महाराज हैं अति दयावान” भूखे पेट नहीं सोने देंगे, ये हैं मेहरबान।अन्नपूर्णा मुहिम है गज़ब की जिसने गरीब परिवारों के जीवन में भर दी खुशियां।ये है संत रामपाल जी महाराज जी की महानता व दयालुता। जिससे कर रही जनता उनके गुणगानों की वार्ता । “ऐसे हैं संत रामपाल जी महाराज मेहरबान।
करवाते है सत्संग में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए , पार्किंग का पूर्ण इंतज़ाम।इस अवसर पर सेवादार आदित्य दास, रामप्रकाश दास, अमित दास, अरुण दास और अजय दास आदि उपस्थित रहे।






