बिल रिवीजन घोटाले की आंच मुख्यालय तक, चार सदस्यीय टीम करेगी जांच

बरेली। बरेली के शहरी क्षेत्र में बिल रिवीजन के नाम पर सामने आए करोड़ों के घोटाले की गूंज अब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय तक पहुंच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंध निदेशक ने चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है, जो सोमवार से बरेली में डेरा डालकर जांच शुरू कर सकती है।
144 बिलों में खेल, 67 लाख की हेराफेरी
शहरी क्षेत्र के विद्युत वितरण खंड तृतीय में कुल 144 उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में कथित तौर पर मनमाने ढंग से रिवीजन कर करीब 67 लाख रुपये की राशि कम किए जाने का मामला सामने आया है। इस खुलासे से विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया है।
खुलासा करने वाले अफसर का हुआ तबादला
इस पूरे मामले का खुलासा तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने किया था। उन्होंने अनियमितताओं की विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य अभियंता को पत्र लिखा था। हालांकि आरोप है कि घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश में अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल का तबादला कर दिया गया।
पहले भी हुई जांच, जारी हुई चार्जशीट
ब्रह्मपाल के तबादले के बाद बरेली जोन प्रथम के मुख्य अभियंता ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई थी। जांच में जिस अधिशासी अभियंता के कार्यकाल में अनियमितताएं सामने आई थीं, उनके खिलाफ चार्जशीट जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
अब मुख्यालय ने कसी कमर
अब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय से एमडी रिया केजरीवाल ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति में एक अधीक्षण अभियंता, एक अधिशासी अभियंता और लेखा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं।
सोमवार से जांच शुरू होने की संभावना
मुख्यालय से संबद्ध मुख्य अभियंता रामनरेश की अध्यक्षता में गठित यह चार सदस्यीय टीम सोमवार को बरेली पहुंचकर दस्तावेजों की गहन जांच करेगी। माना जा रहा है कि जांच के बाद बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।






