खनन माफियों ने डंपर से अफसर पर किया हमला, 37 ट्रक जब्त, 42 पर मुकदमा 24 गिरफ्तार

ओवरलोडिंग और अवैध खनन के खिलाफ चेकिंग में अफसरों पर जानलेवा हमला
बरेली। यूपी–उत्तराखंड सीमा के आमडंडा बॉर्डर पर अवैध खनन और ओवरलोड डंपरों के खिलाफ चेकिंग अभियान के दौरान खनन माफियाओं ने खनन अधिकारी और अन्य अफसरों पर डंपर चढ़ा दिया। किसी तरह अफसरों ने अपनी जान बचाई। इस मामले में पुलिस ने 37 ट्रक जब्त किए हैं और 42 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने 24 लोगों को हिरासत में ले लिया है।
तहसील दिवस में शिकायत के बाद शुरू हुआ अभियान
बीते दिनों तहसील दिवस में जिलाधिकारी के सामने हाईवे से ओवरलोडिंग वाहन हटाने और अवैध खनन की शिकायत की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने बरेली से टीम गठित की और आमडंडा गांव के पास हाईवे पर टोल से 100 मीटर पहले टैंट लगाकर अभियान शुरू किया।
50 ओवरलोड ट्रक एक साथ पहुंचे, अफसरों पर हमला
14 जनवरी की शाम 5:30 बजे खनन अधिकारी मनीष कुमार टीम के साथ आई एस टी पी की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि उत्तराखंड से लगभग 50 ट्रक डंपर ओवरलोड और बगैर कागजात के गुजरने वाले हैं।
खनन अधिकारी मनीष कुमार, राजस्व निरीक्षक राजीव कुमार, उप आबकारी निरीक्षक सुभाष चंद्र, यात्री मालकर अधिकारी रमेश चंद्र प्रजापति, सिपाही दिनेश कुमार, राहुल तोमर, दरोगा कृष्ण पाल और केशव कुमार ने देखा कि ट्रक तेजी से आते हुए टीम पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। अफसरों ने जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान दरोगा कृष्ण पाल घायल भी हुए, हालांकि उनकी चोटें मामूली हैं।
बैरिकेडिंग तोड़कर ट्रक चालक भाग निकल
ट्रक चालकों ने रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेडिंग तोड़ दिए और तेजी से भाग निकले। पुलिस ने बाद में 37 ट्रकों को जब्त किया और खनन अधिकारी की तहरीर पर 42 ट्रक चालक, हेल्पर और पीछे चल रही प्राइवेट कारों में सवार लोगों के खिलाफ उप खनिज नियमावली 2021, खनन एवं खनिज अधिनियम 1957 की धारा 4/21 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
मुकदमे में शामिल नाम और वारदात का तरीका
अभियुक्तों में मोहम्मद कमर (गुडवारा), सलमान, मुजीव, निजाम, इमरान (भोजीपुरा), दान सिंह (जहानाबाद), राजेश (देवरनिया), नाजिम (बहेड़ी), साकिर (सुरला), भुज मिर्जापुर रंजीत, विकास (शाहजहांपुर), कासिम (पचदौरा), सुनील (इज्जतनगर), मोहम्मद नसीम (शेरगढ़), चांद (सीबीगंज), करण सिंह (जादौपुर) सहित कई अज्ञात वाहन स्वामी और ट्रक मालिक शामिल हैं।
खनन अधिकारी का कहना है कि रात के अंधेरे में उत्तराखंड से वन खनिज लेकर आने वाले ट्रक ओवरलोड होकर यूपी में प्रवेश करते हैं। मालिक अपनी प्राइवेट कारों से ट्रकों के आगे-पीछे रहते हैं और ट्रक चालकों को टीम पर हमला करने के लिए उकसाते हैं।






