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ट्रक-डंपर मालिकों की कुंडली खंगाल रही पुलिस, अवैध उपखनिज नेटवर्क पर बड़ा एक्शन तय

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बरेली। उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर से उपखनिज के अवैध परिवहन में लिप्त ट्रक-डंपर माफिया के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नैनीताल मार्ग पर बनाए गए चेक प्वाइंट के बाद जहां अवैध परिवहन करने वालों में हड़कंप मचा है, वहीं अब पुलिस ओवरलोड ट्रक-डंपरों के मालिकों की कुंडली खंगालने में जुट गई है।

बहेड़ी मंडी स्थल पर खड़े कराए गए 37 ओवरलोड ट्रक-डंपरों के नंबर एआरटीओ को भेजकर वाहन स्वामियों का पूरा विवरण मांगा गया है। पहचान होते ही पुलिस उनके विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई करते हुए माफिया चिह्नीकरण, गैंग पंजीकरण और गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करेगी।

बैरिकेडिंग तोड़कर जानलेवा हमला, 24 आरोपी पहले ही जेल

बहेड़ी सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार शाम बहेड़ी टोल पर हुई गंभीर घटना में शामिल पांच लोकेटरों समेत 24 आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेजा जा चुका है।

आरोपियों ने चेक प्वाइंट पर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए जांच टीम को कुचलने की नीयत से ट्रक दौड़ा दिए थे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई, जबकि दरोगा कृष्णपाल घायल हो गए थे।

मोबाइल कॉल डिटेल और व्हाट्सएप ग्रुप खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने जेल भेजे गए आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और व्हाट्सएप ग्रुप्स की गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे अवैध नेटवर्क, फंडिंग और सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। सीओ ने बताया कि वाहन स्वामियों की पहचान के बाद उनके खिलाफ भी गिरफ्तारी की जाएगी और मामले में शीघ्र चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

चेक प्वाइंट का असर, अवैध परिवहन लगभग थमा

नैनीताल मार्ग पर बनाए गए चेक प्वाइंट का असर अब साफ नजर आने लगा है। सीओ के अनुसार, शुक्रवार रात 12 से शनिवार सुबह 8 बजे तक केवल 60 ट्रक-डंपर उपखनिज लेकर निकले शनिवार सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक 55 ट्रक-डंपर निकले। इन सभी वाहनों के पास वैध दस्तावेज और आईएसटीपी पाए गए। चेक प्वाइंट बनने से पहले इसी मार्ग से बड़ी संख्या में ओवरलोड और अवैध ट्रक-डंपर बेरोकटोक गुजरते थे।

हर ट्रक पर 7 हजार की बचत, इसी लालच में फलता-फूलता रहा माफिया

सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बिना आईएसटीपी उपखनिज का परिवहन करने पर माफिया को एक ट्रक के एक राउंड में करीब 7,000 रुपये की अवैध बचत हो जाती है। इसी मुनाफे के लालच में लंबे समय से अवैध खनन और परिवहन का खेल चल रहा था।

तीन दिसंबर से लगातार चल रहा कैंप, माफिया की टूटी उम्मीद

सीओ ने बताया कि डीएम के निर्देश पर तीन दिसंबर से बहेड़ी टोल पर चेक प्वाइंट कैंप लगातार संचालित किया जा रहा है। यहां तीन शिफ्टों में आठ-आठ घंटे अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शुरुआत में माफिया को लगा था कि दो-चार दिन में कैंप हट जाएगा, लेकिन जब कैंप लगातार चलता रहा तो ट्रक-डंपर मालिकों और उनके सहयोगियों में खलबली मच गई।

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