इस्तीफे के बाद भी डॉ. शकील अहमद बोले: दिल से कांग्रेसी हूं, नाराजगी सिर्फ राहुल गांधी से है
Dr Shakil Ahmed on Congress: इस्तीफे के बाद राहुल गांधी से नाराजगी क्यों?

कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर लगातार सवाल उठा रहे मधुबनी के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद ने स्पष्ट किया है कि वे आज भी खुद को दिल से कांग्रेसी मानते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी आखिरी सांस तक कांग्रेस को ही वोट देंगे और पार्टी के प्रति उनकी सहानुभूति बनी रहेगी, लेकिन उनकी नाराजगी कांग्रेस के मौजूदा निर्णय तंत्र को लेकर है।
दैनिक जागरण से फोन पर बातचीत में डॉ. शकील अहमद ने कहा कि कांग्रेस में लगभग सभी अहम फैसले राहुल गांधी के स्तर पर ही लिए जाते हैं, जिससे पार्टी के भीतर सामूहिक नेतृत्व और संवाद की प्रक्रिया कमजोर हुई है। यही उनकी असहमति की सबसे बड़ी वजह है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रति उनके मन में पूरा सम्मान और सहानुभूति है। डॉ. शकील अहमद का आरोप है कि राहुल गांधी के निर्देश पर आयोजित एक ज़ूम मीटिंग के बाद यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
डॉ. शकील अहमद के अनुसार, इसी आदेश के तहत उनके दिल्ली, पटना और मधुबनी स्थित आवासों के बाहर प्रदर्शन कराए गए। उन्होंने इसे कांग्रेस की आंतरिक लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि असहमति जताने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार पार्टी की संस्कृति के अनुरूप नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि उनकी लड़ाई कांग्रेस से नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर फैसले लेने की मौजूदा कार्यप्रणाली से है। उनका कहना है कि यदि कांग्रेस को भविष्य में मजबूत बनाना है, तो नेतृत्व को आलोचना और मतभेदों को स्वीकार करना होगा।






