नगर निगम की लापरवाही से बरेली की आवासीय कॉलोनियों में अवैध डेरी फार्म संचालित, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

बरेली।
एक ओर जहां बरेली को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की घोर लापरवाही के चलते शहर की आवासीय कॉलोनियों में अवैध रूप से डेरी फार्म संचालित हो रहे हैं। इन डेरी फार्मों के कारण कॉलोनियों के पार्क, सड़कें और नालियां बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
नगर निगम के वार्ड संख्या 65 अंतर्गत आने वाली सम्राट अशोक नगर, एसबीआई कॉलोनी और श्रीनगर आवास कॉलोनी की जमीनी हकीकत तब सामने आई, जब पत्रकारों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। कॉलोनियों के पार्कों में आवारा गोवंश खुलेआम घूमते नजर आए, जिससे आमजन में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आए दिन पालतू और आवारा गायों को कॉलोनी के पार्कों और सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। इससे विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों की जान को खतरा बना रहता है। कई बार गोवंश द्वारा बच्चों और बुजुर्गों को रौंदे जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिनमें लोग घायल हुए हैं।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नगर निगम के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं और किसी बड़ी अप्रिय घटना का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित डेरी फार्मों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। क्या नगर निगम भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेगा?
स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम अवैध डेरी फार्म संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, उन पर जुर्माना लगाए और डेरी संचालन को आवासीय कॉलोनियों से हटाकर निर्धारित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाए, ताकि कॉलोनीवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।






