बरेली एयरपोर्ट विस्तार: लैंड लीज प्रक्रिया शुरू

बरेली के सिविल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। भूमि अधिग्रहण से जुड़ा लंबा झमेला समाप्त हो चुका है और अब राज्य सरकार तथा नागरिक उड्डयन विभाग के बीच लैंड लीज एग्रीमेंट (Land Lease Agreement) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे भविष्य में दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों के लिए हवाई यात्रा और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि बरेली में सिविल एयरपोर्ट का निर्माण लगभग पांच वर्ष पूर्व किया गया था। उस समय करीब 48.5 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर एयरपोर्ट तैयार किया गया। 8 मार्च 2021 को यहां से नियमित हवाई सेवा की शुरुआत हुई थी। तब से मुंबई और बेंगलुरु के लिए फ्लाइट संचालन जारी है, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिली।
हालांकि एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के चार वर्ष बाद भी सिविल एयरपोर्ट का अपना स्वतंत्र रनवे नहीं है। यह एयरपोर्ट समीप स्थित त्रिशूल एयरबेस के रनवे का उपयोग करता है। एप्रन और टैक्सी-वे का निर्माण किया जा चुका है, लेकिन विमानों की स्थायी पार्किंग और अन्य उन्नत सुविधाओं का पूर्ण उपयोग अभी शेष है। विस्तारीकरण के बाद इन व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।
यात्रियों की बढ़ती संख्या और नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना को देखते हुए एयरपोर्ट विस्तार की आवश्यकता महसूस की गई। शासन स्तर से 23.55 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के निर्देश जारी किए गए थे। इनमें से 16.97 एकड़ भूमि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त कुछ सरकारी भूमि भी विस्तार परियोजना में शामिल की गई है।
निजी भूमि खरीद के लिए शासन द्वारा 53.40 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई थी। इनमें से 44.26 करोड़ रुपये किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। अब निजी भूमि खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कोई भूखंड शेष नहीं है। इससे परियोजना के अगले चरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी देश दीपक सिंह के अनुसार, एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण पूर्ण कर लिया गया है। अब राज्य सरकार और नागरिक उड्डयन विभाग के बीच लैंड लीज एग्रीमेंट की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है। यह अनुबंध भविष्य में निर्माण, संचालन और अन्य विकास कार्यों को कानूनी आधार प्रदान करेगा।






