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भारतीय पासपोर्ट 75वें स्थान पर, ईरान और बोलीविया ने कड़े किए नियम

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अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए एक सकारात्मक और एक सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। Henley & Partners द्वारा जारी Henley Passport Index 2026 की ताजा रिपोर्ट में भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। भारत ने 10 पायदान की छलांग लगाते हुए 75वां स्थान हासिल किया है।

हालांकि रैंकिंग में यह उछाल भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है, लेकिन इसी बीच दो देशों—ईरान और बोलीविया—ने भारतीय नागरिकों के लिए प्रवेश नियमों को सख्त कर दिया है।

रैंकिंग में सुधार, लेकिन दो देशों में बदले नियम

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब पहले से अधिक देशों में सहज यात्रा की सुविधा मिल रही है। इसके बावजूद ईरान और बोलीविया में पहले उपलब्ध वीजा-फ्री या सरल प्रवेश विकल्प समाप्त कर दिए गए हैं।

ईरान ने खत्म की वीजा-फ्री सुविधा

ईरान ने नवंबर 2025 से भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री प्रवेश व्यवस्था बंद कर दी। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार यह फैसला सुरक्षा चिंताओं, विशेषकर मानव तस्करी और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ मामलों में भारतीयों को फर्जी नौकरी के झांसे में बुलाया गया था। अब ईरान यात्रा के लिए अग्रिम वीजा अनिवार्य कर दिया गया है।

बोलीविया में ‘वीजा ऑन अराइवल’ की जगह ई-वीजा

दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने भी अपनी नीति में बदलाव किया है। पहले भारतीय नागरिकों को वहां ‘वीजा ऑन अराइवल’ की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब इसे समाप्त कर ‘ई-वीजा’ प्रणाली लागू की गई है। चूंकि ई-वीजा के लिए यात्रा से पहले ऑनलाइन स्वीकृति आवश्यक होती है, इसलिए इसे वीजा-फ्री श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता।

कैसे तैयार होती है रैंकिंग?

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्ट्स की तुलना 227 गंतव्यों से करता है। यह रैंकिंग International Air Transport Association (IATA) के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित होती है। भारत की रैंकिंग में सुधार का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि पिछले वर्ष कुछ अन्य देशों की वैश्विक गतिशीलता में गिरावट आई, जिससे भारत को तुलनात्मक लाभ मिला।

वैश्विक गतिशीलता अब भी मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि दो देशों में नियमों के सख्त होने के बावजूद भारतीय पासपोर्ट की समग्र वैश्विक गतिशीलता सुदृढ़ बनी हुई है। भारतीय नागरिक अभी भी दर्जनों देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह सुधार भारत की मजबूत कूटनीतिक पहुंच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाता है।

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