बदायूं में खुराफातियों ने समय से पहले जलाई होली, गांव में तनाव; पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा

बदायूं जिले के थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र के गांव डरेला में शुक्रवार रात एक असामाजिक तत्व ने होली में समय से पूर्व आग लगा दी। इस घटना से गांव में तनाव फैल गया और ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल बन गया। लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर विरोध जताने लगे और खुराफातियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
गांव डरेला में अन्य गांवों की तरह परंपरा के अनुसार होली रखी गई थी। ग्रामीण उत्साह के साथ प्रतिदिन लकड़ी और उपले डालकर होली बढ़ा रहे थे। लेकिन शुक्रवार रात अचानक किसी ने होली में आग लगा दी। होलिका दहन से पहले ही होली जल जाने से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के संभ्रांत लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया। पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने बताया कि होली में आग लगाना गंभीर मामला है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि होली केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और उत्सव का भी हिस्सा है। समय से पहले आग लगाने की घटना ने पूरे गांव के उत्साह को ठंडा कर दिया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, प्रशासन ने यह भी कहा है कि गांव में दोबारा होली रखवाई जाएगी ताकि लोग परंपरा के अनुसार होलिका दहन कर सकें।
गांव के लोगों ने बताया कि हर साल होली पर गांव में विशेष उत्सव होता है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी मिलकर होली की तैयारी करते हैं। लेकिन इस बार की घटना ने पूरे गांव को निराश कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं बल्कि सामाजिक सद्भावना को भी चोट पहुँचाने वाली घटना है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए गांवों में सतर्कता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
गांव में फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन लोग अब भी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका गुस्सा शांत नहीं होगा।






