बरेली में सड़क हादसा: कक्षा 10 के छात्र की मौत, दो साथी घायल; हेलमेट न पहनने से बढ़ा खतरा

बरेली जिले के शाही थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सेवा ज्वालापुर गांव के समीप बाइक और अज्ञात वाहन की टक्कर में हाईस्कूल के छात्र अरविंद की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार थे और किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था।
जानकारी के अनुसार, सेवा ज्वालापुर गांव निवासी अरविंद पुत्र खूबकरन, वीरेंद्र पुत्र ओमपाल और नरेश पाल पुत्र नरोत्तम रात करीब दस बजे शाही कस्बे से अपने गांव लौट रहे थे। सेवा ज्वालापुर चौराहे से लगभग सौ मीटर पहले ही उनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों और ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुँचाया। इलाज के दौरान अरविंद की मौत हो गई, जबकि वीरेंद्र और नरेश पाल का उपचार जारी है। अरविंद दसवीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की आर्थिक मदद के लिए समारोहों में वेटर का काम भी करता था। उसकी असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने बताया कि अरविंद दो भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर पर था। उसकी मेहनत और जिम्मेदारी ने परिवार को सहारा दिया था। अब उसकी मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
शाही क्षेत्र में अन्य सड़क हादसे
इसी इलाके में शुक्रवार रात दो अन्य सड़क दुर्घटनाएँ भी हुईं। नरखेडा गांव निवासी देवी दास बाइक से घर लौट रहे थे। धनेटा-शीशगढ़ मार्ग पर दुनका के पास वाहन की तेज रोशनी से चकाचौंध होने पर उनकी बाइक पेड़ से टकरा गई। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
दूसरी घटना में इसी गांव के धर्मपाल रात करीब साढ़े नौ बजे घर लौट रहे थे। रास्ते में सामने से आ रही बारात की बग्घी से उनकी बाइक टकरा गई। इस हादसे में धर्मपाल घायल हो गए और उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेलमेट न पहनने और ओवरलोडिंग (एक बाइक पर तीन सवार) जैसी लापरवाहियों ने हादसे को और गंभीर बना दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हेलमेट पहना गया होता तो शायद जान बच सकती थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सड़क पर रोशनी की कमी और तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं का बड़ा कारण हैं। प्रशासन और पुलिस को इस दिशा में सख्ती बरतने की जरूरत है।
परिवारों में मातम
अरविंद की मौत से उसका परिवार टूट गया है। पढ़ाई और काम दोनों संभालने वाला यह किशोर परिवार के लिए सहारा था। वहीं, अन्य दो हादसों में घायल लोग भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना दिया है।





