नोएडा में 3.35 करोड़ की फ्लैट धोखाधड़ी, बिल्डर पर केस दर्ज

बिसरख कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-1 स्थित गायत्री औरा हाउसिंग परियोजना में एक बड़े रियल एस्टेट धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक ही परिवार द्वारा 14 फ्लैट बुक कराए जाने के बाद भी कब्जा न मिलने पर बिल्डर फर्म के निदेशक पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि बिल्डर कंपनी गायत्री हॉस्पिटैलिटी एंड रियलकन के निदेशक ने लगभग 3.35 करोड़ रुपये की रकम लेने के बावजूद फ्लैट का कब्जा नहीं दिया। मामले में अदालत के निर्देश पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
2010 से 2015 के बीच कराई गई बुकिंग
शिकायतकर्ता विनोद कुमार गुप्ता, जो नोएडा के सेक्टर-78 के निवासी हैं, ने अपने परिवार के साथ मिलकर वर्ष 2010 से 2015 के बीच इस परियोजना में निवेश किया था। उन्होंने जीएच-11 भूखंड पर विकसित हो रही सोसायटी में अलग-अलग आकार के कुल 14 फ्लैट बुक कराए थे।
पीड़ित के अनुसार, बिल्डर की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी फ्लैट का निर्माण पूरा कर कब्जा सौंप दिया जाएगा। साथ ही विक्रय पत्र (Sale Deed) का अनुबंध भी समय पर करने का आश्वासन दिया गया था।
कब्जा नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
समय बीतने के बावजूद जब फ्लैट का कब्जा नहीं मिला, तो पीड़ित परिवार ने कई बार बिल्डर से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला। आरोप है कि बिल्डर लगातार टालमटोल करता रहा और निवेश की गई राशि वापस भी नहीं की।
इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जहां से पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और परियोजना की वास्तविक स्थिति की जांच कर रही है।
यह मामला एक बार फिर रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और खरीदारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।





