बरेली में चंद्र ग्रहण का असर, सूतक सुबह 6:20 बजे से शुरू, होली बुधवार को

बरेली में इस वर्ष होली का पर्व एक विशेष ज्योतिषीय संयोग के साथ मनाया जा रहा है। करीब सौ वर्षों बाद ऐसा दुर्लभ योग बना है, जिसमें फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सूर्य, मंगल, बुध और राहु एक साथ कुंभ राशि में स्थित हैं। इस कारण चतुर्ग्रही योग और बुधादित्य योग का निर्माण हुआ है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य रमाकांत दीक्षित के अनुसार, होलिका दहन नियत मुहूर्त में संपन्न हो चुका है, लेकिन चंद्र ग्रहण के प्रभाव के चलते इस बार होली का उत्सव एक दिन बाद मनाया जाएगा। ग्रहण मंगलवार को दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:48 बजे तक रहेगा।
सुबह 6:20 बजे से शुरू होगा सूतक काल
चंद्र ग्रहण के चलते सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रभावी हो जाएगा। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे और धार्मिक गतिविधियों पर रोक रहेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
ग्रहण के दौरान इन कार्यों से करें परहेज
ज्योतिषाचार्य नमो नारायण मिश्रा के अनुसार, ग्रहण काल में मंदिर में प्रवेश, देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श करना, यात्रा करना और सामान्य भोजन करना वर्जित माना गया है।
हालांकि, बच्चों, वृद्धों और बीमार व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार भोजन करने की छूट है। ऐसे में भोजन में दूध, दही या घी का सेवन किया जा सकता है, जिसमें तुलसी या कुश का पत्ता डालना शुभ माना जाता है।
ग्रहण के बाद अपनाएं ये नियम
ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में रखा पानी बदलने की परंपरा है। इसके साथ ही स्नान कर पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप या अपने इष्ट देव का स्मरण करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। साथ ही चंद्रमा से जुड़े मंत्रों का उच्चारण भी लाभकारी माना गया है।






