बरेली राम बरात में रंगों की बारिश, मुस्लिम समाज ने पेश की मिसाल

बरेली के ब्रह्मपुरी स्थित नृसिंह मंदिर से सोमवार को 166वीं बार भव्य राम बरात निकाली गई, जिसमें रंग, गुलाल और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शोभायात्रा के दौरान मुस्लिम समाज द्वारा फूल बरसाकर स्वागत करने की तस्वीरों ने सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
सविधि पूजन के बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूप 165 साल पुराने रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह फूल बरसाकर और आरती उतारकर स्वागत किया। जय श्रीराम के नारों और रंगों की बौछार के बीच पूरा शहर उत्सव में डूबा नजर आया।
तय रूट से निकली भव्य शोभायात्रा
श्रीराम लीला सभा ब्रह्मपुरी की ओर से निकाली गई यह शोभायात्रा नृसिंह मंदिर से शुरू होकर मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना, घंटाघर, नावल्टी चौराहा, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी, श्यामगंज, साहू गोपीनाथ, मठ की चौकी, शिवाजी मार्ग, बड़ा बाजार, किला चौराहा और सिटी सब्जी मंडी होते हुए शाम को पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
165 साल पुराना रथ बना आकर्षण
राम बरात में उपयोग होने वाला लकड़ी का रथ करीब 165 साल पुराना बताया जाता है, जिस पर हर वर्ष भगवान श्रीराम के स्वरूप विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। इस परंपरा का विशेष महत्व है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है।
बरेली कॉलेज और कालीबाड़ी में रंगों की होड़
शोभायात्रा जब बरेली कॉलेज गेट और कालीबाड़ी पहुंची, तो वहां छतों से रंग और पानी की बौछार की गई। हुरियारों और स्थानीय लोगों के बीच रंगों की अनोखी ‘मोर्चाबंदी’ देखने को मिली, जिसमें दोनों ओर से जमकर गुलाल उड़ाया गया।
फूलों से स्वागत, सौहार्द का संदेश
नाथ नगरी जलाभिषेक समिति की ओर से कोतवाली के सामने राम बरात का फूलों से स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
जनप्रतिनिधियों ने की पूजा-अर्चना
राम बरात में पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने भगवान के स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना कर आरती उतारी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जो समाज में भाईचारा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करता है।






